नवादा में अवैध आरा मिल पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, मशीनें और भारी मात्रा में काष्ठ जब्त
हिसुआ थाना क्षेत्र के चितरघटी गांव में बिना लाइसेंस संचालित आरा मिल को वन विभाग ने किया सील। छापेमारी के दौरान संचालक फरार, भारतीय वन अधिनियम के तहत केस दर्ज।

नवादा अवैध आरा मिल के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत भादसेनी पंचायत के चितरघटी गांव में संचालित एक अवैध आरा मिल को सील कर दिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में काष्ठ, लकड़ी चीरने की मशीनें और अन्य उपकरण जब्त किए गए। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही मिल संचालक मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि चितरघटी गांव में बिना वैध लाइसेंस के एक आरा मिल संचालित की जा रही है। यहां अवैध रूप से लकड़ी का भंडारण करने के साथ-साथ उसकी चिराई भी की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद सिरदला वन प्रमंडल के रेंज ऑफिसर वरजेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई।
जैसे ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, मिल संचालक वहां से फरार हो गया। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे परिसर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान लकड़ी चीरने वाली मशीनें, बड़ी मात्रा में काष्ठ और अन्य उपकरण बरामद किए गए। विभाग ने सभी जब्त सामग्री को अपने कब्जे में लेकर अवैध आरा मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
वन विभाग ने बताया कि बिना लाइसेंस आरा मिल चलाना वन कानूनों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में भारतीय वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विभाग ने जब्त मशीनों और लकड़ियों की सूची तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही फरार संचालक की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
इस अभियान में सिरदला वन प्रमंडल की टीम के अलावा कौआकोल के रेंज ऑफिसर सौरभ शांडिल्य, मंझवे के फॉरेस्ट ऑफिसर जितेंद्र कुमार, वन विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान हिसुआ थाना पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई गई।
रेंज ऑफिसर वरजेंद्र कुमार ने बताया कि वर्तमान में उनके पास सिरदला के साथ-साथ हिसुआ क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी है। उन्होंने कहा कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध लकड़ी कटाई, तस्करी तथा बिना लाइसेंस संचालित आरा मिलों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वन कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से लकड़ी का भंडारण, कटाई या चिराई करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
वन विभाग का मानना है कि अवैध लकड़ी कारोबार से जंगलों को नुकसान पहुंचता है और पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित होता है। इसलिए ऐसे कारोबार पर रोक लगाने के लिए नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को भी बिना लाइसेंस लकड़ी के कारोबार से दूर रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को देनी चाहिए।
इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग को उम्मीद है कि लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से अवैध कटाई, तस्करी और बिना लाइसेंस संचालित आरा मिलों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
फिलहाल जब्त सामग्री को विभागीय अभिरक्षा में रखा गया है और फरार संचालक की तलाश जारी है। वन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले के अन्य इलाकों में भी ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान जारी रहेगा।



