राम मंदिर VIP दर्शन में बड़ा खेल? 25 हजार रुपये तक वसूली के आरोपों की SIT जांच तेज
अयोध्या राम मंदिर में VIP दर्शन, VIP पास और विशेष सुविधाओं के नाम पर श्रद्धालुओं से कथित वसूली के आरोपों की SIT जांच कर रही है। कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है, जबकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

राम मंदिर VIP दर्शन को लेकर अयोध्या से एक बड़ा मामला सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित तौर पर VIP दर्शन और विशेष सुविधाएं दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से 20 हजार से 25 हजार रुपये तक वसूले जाने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। फिलहाल जांच जारी है और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियां ऐसे एक कथित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं, जो श्रद्धालुओं को VIP दर्शन, विशेष प्रवेश, मंदिर परिसर में फोटो खिंचवाने और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करता था। आरोप है कि इन सुविधाओं के बदले बड़ी रकम वसूली जाती थी।
SIT की जांच में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक टिन्नू, अनुकल्प, करुणेश, मनीष, अविनाश और लवकुश समेत कई व्यक्तियों की भूमिका जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां इनके आपसी संपर्क, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और अन्य गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित नेटवर्क किस तरह काम करता था।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू VIP पास जारी करने की प्रक्रिया भी है। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं VIP पास जारी करने में निर्धारित नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां होटल, होम-स्टे और धर्मशालाओं की भी भूमिका खंगाल रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ स्थानों के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंच बनाई जाती थी और उन्हें VIP दर्शन का लालच देकर कथित रूप से पैसे वसूले जाते थे। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच में यह आरोप भी सामने आए हैं कि कुछ लोग कथित तौर पर वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते थे और प्रभाव का उपयोग कर मंदिर परिसर में विशेष प्रवेश या वाहनों की अंदर तक एंट्री दिलाने का दावा करते थे। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ा गंभीर मामला माना जा सकता है।
SIT अब डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। बैंक लेन-देन, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में VIP दर्शन के नाम पर कथित वसूली के आरोप सामने आने के बाद यह मामला संवेदनशील बन गया है। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या यह गतिविधि किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से संचालित की जा रही थी या फिर कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर की जा रही थी।
फिलहाल पुलिस और SIT ने किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही दर्शन और अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या दलाल के झांसे में न आएं। जांच पूरी होने तक मामले से जुड़े सभी दावों और आरोपों को प्रारंभिक माना जा रहा है।



