ट्रंप का बड़ा दावा: 3 रातों तक ईरान पर किए हमले, बोले- परमाणु बम नहीं बनाने देंगे
व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए लगातार तीन रात तक कार्रवाई की गई। साथ ही उन्होंने परमाणु हथियारों पर सख्त रुख दोहराया।

US Iran War को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त बयान दिया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने लगातार तीन रातों तक ईरान पर सैन्य कार्रवाई की थी। उनका दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना था। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में प्रगति हो रही है। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर कई सकारात्मक बैठकें भी हुई हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने लगातार तीन रातों तक ईरान पर कड़े हमले किए थे। ट्रंप ने दावा किया कि इन कार्रवाइयों के बाद अब दोनों देशों के बीच हालात पहले की तुलना में बेहतर हैं।
परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख
ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके अनुसार, यदि ईरान परमाणु हथियार बनाने में सफल होता है तो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोकना है।
MoU को लेकर भी दिया जवाब
मीडिया ने ट्रंप से ईरान के साथ हुए मौजूदा समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर भी सवाल पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि वह किसी भी समझौते से नाराज नहीं हैं।
वहीं, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।
ईरान को दी कड़ी चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु बम नहीं बना सकता।
उनका कहना था कि यदि ऐसा होता है तो अब तक किए गए सभी कूटनीतिक और सैन्य प्रयास बेकार साबित हो जाएंगे। इसलिए अमेरिका इस मुद्दे पर सख्त रुख बनाए रखेगा।
बढ़ सकती है अंतरराष्ट्रीय हलचल
ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के संबंध आने वाले समय में वैश्विक कूटनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, ट्रंप के दावों और हालिया घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक स्तर पर दोनों देशों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। इसलिए आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर वैश्विक नजर बनी रहेगी।
क्या है आगे की स्थिति?
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वहीं, दोनों देशों के बीच बातचीत और कूटनीतिक प्रयास भी जारी रहने की बात कही जा रही है।
कुल मिलाकर, ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब आगे की स्थिति दोनों देशों की आधिकारिक कार्रवाई और कूटनीतिक फैसलों पर निर्भर करेगी।



