BiharBreaking NewsHeadlinesTechnology

खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे बेटे मोजतबा? सुरक्षा कारणों का किया गया दावा

चीनी BAT BMS ऐप के दुरुपयोग से ई-रिक्शा की लिथियम-आयन बैटरियां रिमोट से बंद होने का दावा, चालकों में दहशत; विशेषज्ञों ने सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी।

Patna E-rickshaw Battery Hacking का मामला इन दिनों राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले तीन दिनों से बड़ी संख्या में ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क पर बंद हो रहे हैं, जिससे चालकों और यात्रियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुरुआती तौर पर इसे तकनीकी खराबी माना गया, लेकिन बाद में सामने आए दावों के अनुसार यह समस्या कुछ लिथियम-आयन बैटरियों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से जुड़ी सुरक्षा खामी और एक मोबाइल एप के संभावित दुरुपयोग से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, इस कथित “हैकिंग” की स्वतंत्र साइबर फॉरेंसिक पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

मिली जानकारी के अनुसार पटना और उसके आसपास के क्षेत्रों में करीब 200 से 300 ई-रिक्शा इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। कई चालकों ने बताया कि चलते-चलते उनकी गाड़ी अचानक बंद हो गई और दोबारा स्टार्ट नहीं हो सकी। इससे यात्रियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ा और चालकों को वाहन सर्विस सेंटर तक ले जाना पड़ा।

जांच में सामने आई नई जानकारी

शुरुआत में मैकेनिक इसे सामान्य तकनीकी खराबी मानकर ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद भी सफलता नहीं मिली। बाद में कुछ सर्विस सेंटरों को जानकारी मिली कि संबंधित बैटरियों को BAT BMS नाम के एक मोबाइल एप के जरिए दोबारा सक्रिय किया जा सकता है।

इसके बाद सर्विस सेंटर संचालकों ने वही एप डाउनलोड कर ब्लूटूथ के माध्यम से बैटरी से कनेक्ट किया और कई ई-रिक्शों को फिर से चालू करने में सफलता मिली।

कैसे काम करता है बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS)?

आजकल कई आधुनिक ई-रिक्शा में लिथियम-आयन बैटरियों के साथ Battery Management System (BMS) लगाया जाता है। इसका उद्देश्य बैटरी की स्थिति, वोल्टेज, तापमान और चार्जिंग की निगरानी करना होता है।

कुछ बैटरियों में यह सिस्टम ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल एप से जुड़ जाता है ताकि उपयोगकर्ता बैटरी की जानकारी देख सके। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस ब्लूटूथ सिस्टम पर मजबूत पासवर्ड या सुरक्षा व्यवस्था न हो तो इसका गलत फायदा उठाया जा सकता है।

BAT BMS ऐप को लेकर क्या दावा है?

स्थानीय स्तर पर सामने आए दावों के अनुसार इंटरनेट पर उपलब्ध BAT BMS नामक एप का उपयोग कुछ लोग बैटरी से कनेक्ट होने के लिए कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यदि किसी बैटरी का ब्लूटूथ बिना पासवर्ड के खुला हो, तो एप उसके साथ कनेक्ट होकर कुछ सेटिंग्स बदल सकता है।

दावा यह भी किया जा रहा है कि बैटरी की डिस्चार्ज सेटिंग बदलने के बाद मोटर तक बिजली की आपूर्ति बंद हो जाती है और ई-रिक्शा अचानक रुक जाता है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक साइबर जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

कई इलाकों से सामने आई शिकायतें

जानकारी के अनुसार केवल पटना ही नहीं बल्कि बिहार के अन्य जिलों और देश के कुछ अन्य हिस्सों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। कई चालकों ने बताया कि उनकी गाड़ी बिना किसी चेतावनी के अचानक बंद हो गई।

बुद्धा कॉलोनी स्थित एक सर्विस सेंटर के संचालक ने बताया कि उनके पास एक ही दिन में पांच ई-रिक्शा पहुंचे थे, जिनकी बैटरियां अचानक बंद हो गई थीं। बाद में मोबाइल एप के जरिए उन्हें दोबारा चालू किया गया।

चालकों की बढ़ी परेशानी

ई-रिक्शा चालक जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह यात्रियों को लेकर जा रहे थे तभी बीच रास्ते में उनका वाहन बंद हो गया। काफी प्रयास के बावजूद रिक्शा चालू नहीं हुआ। बाद में सर्विस सेंटर में ले जाने के बाद अगले दिन बैटरी फिर से सक्रिय की जा सकी।

ई-रिक्शा चालक संघ के पदाधिकारियों ने भी माना कि पिछले कुछ दिनों में कई चालकों को इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा है।

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

बैटरी विशेषज्ञों के अनुसार BMS में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी, हार्डवेयर फेल होना, अत्यधिक गर्मी, नमी या बैटरी सेल की खराबी जैसी कई वजहों से भी बैटरी सुरक्षा मोड में चली जाती है और बिजली की सप्लाई रोक सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामला “हैकिंग” ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए प्रत्येक घटना की तकनीकी जांच जरूरी है ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।

किन ई-रिक्शा को ज्यादा खतरा?

बताया जा रहा है कि जोखिम केवल उन्हीं ई-रिक्शा में हो सकता है जिनमें—

  • लिथियम-आयन बैटरी लगी हो।
  • BMS ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल से कनेक्ट होता हो।
  • ब्लूटूथ पर मजबूत पासवर्ड या सुरक्षा व्यवस्था न हो।

वहीं पुरानी लीड-एसिड बैटरी वाले ई-रिक्शा इस तरह की डिजिटल समस्या से प्रभावित नहीं होते क्योंकि उनमें ब्लूटूथ आधारित BMS मौजूद नहीं होता।

चालक क्या सावधानी बरतें?

विशेषज्ञों ने ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी है कि वे अपनी बैटरी का ब्लूटूथ पासवर्ड तुरंत बदलवाएं। यदि ब्लूटूथ की आवश्यकता न हो तो उसे बंद या लॉक करवा दें। साथ ही केवल अधिकृत सर्विस सेंटर से ही बैटरी की जांच और सॉफ्टवेयर अपडेट कराएं।

फिलहाल संबंधित एजेंसियों और बैटरी निर्माताओं से इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की उम्मीद की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: