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Hemant Soren News: मनी लॉन्ड्रिंग केस में हेमंत सोरेन को झटका, डिस्चार्ज याचिका खारिज

Sub Title बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़गाईं स्थित 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने उनकी ओर से दायर डिस्चार्ज यानी मुक्ति याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है और मुकदमे की सुनवाई आगे जारी रहेगी।बताया जा रहा है कि यह मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी द्वारा दर्ज ईसीआईआर संख्या 06/2023 से जुड़ा हुआ है। ईडी का आरोप है कि रांची के बरियातू रोड स्थित बड़गाईं मौजा की 8.86 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा करने और उससे जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी के लिए एक संगठित भूमि सिंडिकेट सक्रिय था। जांच के दौरान राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के पास से 17 मूल रजिस्टर और भूमि से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि डिस्चार्ज याचिका पर सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की गहन जांच नहीं की जाती, बल्कि केवल यह देखा जाता है कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है या नहीं। कोर्ट के अनुसार ईडी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों, गवाहों के बयानों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि उक्त जमीन पर हेमंत सोरेन के कब्जे, नियंत्रण और लाभकारी उपयोग से जुड़े तथ्य मौजूद हैं।अदालत ने भूमि की जांच-परख, सत्यापन के निर्देश, जमीन के चारों ओर बाउंड्रीवॉल निर्माण तथा सीएमओ से संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी का भी उल्लेख किया है। साथ ही गवाह संतोष मुंडा के बयान को भी रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मामले में आरोप गठन और आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।

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