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PM Modi Australia Visit: ऑस्ट्रेलिया दौरा समाप्त, कई अहम समझौतों के बाद न्यूजीलैंड रवाना हुए प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की सफल यात्रा पूरी करने के बाद न्यूजीलैंड के लिए प्रस्थान किया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार और रक्षा सहयोग सहित कई अहम समझौतों पर सहमति बनी।

PM Modi Australia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण के तहत ऑस्ट्रेलिया की सफल यात्रा पूरी कर ली है। इस दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक, ऊर्जा, रक्षा और शिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिली। कई अहम समझौतों और द्विपक्षीय बैठकों के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब अपनी यात्रा के अंतिम चरण के लिए न्यूजीलैंड रवाना हो गए हैं, जहां वे प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन सहित कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे।

PM Modi Australia Visit भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, व्यापार, निवेश, शिक्षा, खेल और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

ऑस्ट्रेलिया यात्रा समाप्त होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऑस्ट्रेलिया की सरकार, वहां की जनता और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का गर्मजोशी से स्वागत और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दी है और भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों की जनता, व्यापारिक समुदाय, शिक्षा संस्थानों और भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच भी गहरे संबंध हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और अधिक मजबूत होगी तथा दोनों देशों के नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री के प्रस्थान के समय ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने मेलबर्न एयरपोर्ट पर उन्हें औपचारिक विदाई दी। यह दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों का भी प्रतीक माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने भी प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को बेहद सफल बताते हुए कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में इस दौरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंत्रालय के अनुसार रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, शिक्षा, खेल, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक साझेदारी जैसे कई क्षेत्रों में नए अवसर विकसित हुए हैं।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने निवेश बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य में बड़ा लाभ मिल सकता है।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेंगे। यह उनकी तीन देशों की यात्रा का अंतिम चरण होगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर होने वाली इस यात्रा में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार और सामुदायिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग शामिल होंगे। भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ उनकी वार्ता का मुख्य उद्देश्य आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को नई गति देना होगा। उन्होंने कहा कि मार्च 2025 में प्रधानमंत्री लक्सन की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में जो सकारात्मक गति आई है, उसे आगे बढ़ाना इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह तीन देशों की यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘इंडो-पैसिफिक’ रणनीति को और मजबूत करेगी। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे महत्वपूर्ण साझेदार देशों के साथ बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी अहम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑस्ट्रेलिया दौरा भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। अब न्यूजीलैंड यात्रा से भी द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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