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कोविड-19 वैक्सीन के बूस्टर डोज

कोविड -19 या कोरोना महामारी जिसने संपूर्ण विश्व को संकट में डाल रखा है। इस महामारी के दौर में जब वैक्सीन आयी तब लोगों को डर और ख़ुशी दोनों ही मिली

कोविड-19 वैक्सीन के बूस्टर डोज

ज्योति कुमारी की रिपोर्ट दिल्ली: कोविड -19 या कोरोना महामारी जिसने संपूर्ण विश्व को संकट में डाल रखा है। इस महामारी के दौर में जब वैक्सीन आयी तब लोगों को डर और ख़ुशी दोनों ही मिली। अब वर्तमान समय में जब लगभग सभी देशों के पास वैक्सीन उपलब्ध हैं तो एक नई समस्या यह है कि जिन व्यक्तियों ने वैक्सीन की दोनों डोज़ ली है उनको लिए भी कोरोना संक्रमण का खतरा अभी भी बना हुआ है। इन सब के बीच बूस्टर डोज़ को लेकर ख़बरे आ रही है। सभी पश्चिम के देशों में इसे लेकर तैयारी की जा रही है।

भारत में भी बूस्टर डोज़ को लेकर बैठकों का दौर जारी है। जो बूस्टर डोज़ के आवश्यकता को लेकर शोध कर रहे है कि बूस्टर डोज़ की किन लोगों को ज़रूरत है। इसी बीच में आज ICMR के महामारी विज्ञान और संक्रामक रोग विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा, ने बूस्टर डोज़ को लेकर कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(ICMR) ने अपने शोध में ऐसा कुछ नहीं पाया कि 6 महीने बाद किसी व्यक्ति को कोविड की बूस्टर डोज़ की ज़रूरत पड़ेगी। सभी लोगों को कोविड की दूसरी डोज़ लग जाए यही इस वक़्त महत्वपूर्ण है। https://t.co/X8vgc7ZQdC

भारत की बात करें तो कुछ राज्यों में से कोरोना के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसमें व्यक्ति को वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी वह व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाए जा रहे हैं। लेकिन इन सब में अच्छी बात यह है कि वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद कोरोना संक्रमण होने पर ज्याद गंभीर समस्याएं नहीं उत्पन्न हो रही है।

भारत में वर्तमान में टीकों की पहली और दूसरी डोज़ को मिलाकर 1.16 बिलियन से अधिक डोज़ लोगों का लगा दी गयी हैं। भारत में, लगभग आधी योग्य आबादी को वैक्सीन की पहली डोज़ मिल चुकी है। इसलिए आईसीएमआर ने कहा है कि अभी सबसे ज्यादा ज्यादा जरूरी यह है कि लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग जाए

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