रोहित पवार के अनशन पर बीजेपी का हमला, राम कुलकर्णी ने उठाए कई सवाल
पंढरपुर में किसानों की कर्जमाफी को लेकर रोहित पवार के अनशन पर भाजपा ने साधा निशाना, आंदोलन की मंशा और समय को लेकर किए सवाल

महाराष्ट्र की राजनीति में किसानों की कर्जमाफी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा प्रवक्ता राम कुलकर्णी ने एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक Rohit Pawar के पंढरपुर में प्रस्तावित अनशन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आंदोलन की मंशा, समय और स्थान को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
राम कुलकर्णी ने कहा कि अधिक मास जैसे पवित्र धार्मिक अवसर पर, जब लाखों श्रद्धालु Pandharpur में भगवान Vitthal के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे समय में किसानों के नाम पर अनशन करना प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए असुविधा पैदा कर सकता है। उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना में ऐसी कौन-सी शर्तें हैं जिनके विरोध में रोहित पवार को अनशन पर बैठना पड़ रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह आंदोलन गरीब और छोटे किसानों के हित में नहीं, बल्कि बड़े और संपन्न किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उनका कहना है कि राज्यभर में किसान कर्जमाफी योजना का स्वागत हो रहा है, ऐसे में यह अनशन राजनीतिक प्रचार का माध्यम अधिक प्रतीत होता है।
कुलकर्णी ने आगे आरोप लगाया कि रोहित पवार और उनकी पार्टी का रुख कई बार वारकरी परंपरा और हिंदू धार्मिक भावनाओं के खिलाफ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस अवधि में अनशन के लिए पंढरपुर को ही क्यों चुना गया और इसके पीछे की वास्तविक मंशा क्या है।
गौरतलब है कि रोहित पवार ने किसानों की कर्जमाफी से जुड़ी मांगों को लेकर पंढरपुर में अनशन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।



