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Afghanistan news : आज बन सकती है अफगानिस्तान में तालिबानी संगठन की सरकार

Afghanistan news : तालिबान का को-फाउंडर मुल्ला अब्दुल गनी बरादर नई अफगान सरकार का नेतृत्व कर सकता है तालिबान के प्रवक्ता ने शुक्रवार को घोषणा की थी

Afghanistan news : आज बन सकती है अफगानिस्तान में तालिबानी संगठन की सरकार

तालिबान पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दबाव बढ़ता जा रहा है। आतंकी समूह अब सरकार बनाने के अपने अंतिम चरण में है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स दावा कर रही हैं कि तालिबान का को-फाउंडर मुल्ला अब्दुल गनी बरादर नई अफगान सरकार का नेतृत्व कर सकता है। तालिबान के प्रवक्ता ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि अब समूह शनिवार को सरकार का गठन करेगा। तालिबानी सरकार के सामने कई चुनौतियां आने वाली हैं।

सरकार के प्रमुख चेहरों की बात करें तालिबान के राजनीतिक मामलों के प्रमुख मुल्ला बरादर के साथ तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला उमर का बेटा मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बास स्टैनिकजई को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। तालिबानी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि सभी वरिष्ठ नेता काबुल पहुंच चुके हैं और सरकार गठन की तैयारियां अपने आखिरी चरण में हैं।

एक दूसरे तालिबानी सूत्र ने कहा कि तालिबान का सुप्रीम लीडर हैबातुल्लाह अखुंदजादा धार्मिक मामलों और इस्लाम के मुताबिक शासन को देखरेख करेगा। सूत्रों की मानें तो तालिबानी सरकार में सिर्फ समूह के सदस्य ही शामिल होंगे। सूत्र ने कहा कि इसमें 25 मंत्रालय शामिल होंगे, जिसमें 12 मुस्लिम विद्वानों की सलाहकार परिषद या शूरा होगी। सभी लोग सरकार गठन का पुख्ता दावा कर रहे हैं। हालांकि इसकी समय सीमा को लेकर लोगों के मत अलग-अलग हैं। किसी का अनुमान शनिवार को सरकार गठन का है तो कोई इसके लिए अगले हफ्ते की उम्मीद कर रहा है।

तालिबान के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि समूह, काबुल में ईरानी नेतृत्व की तर्ज पर सरकार गठन का ऐलान करने के लिए तैयार है जिसमें समूह के शीर्ष धार्मिक नेता मुल्ला हेबतुल्लाह अखुनजादा अफगानिस्तान में सर्वोच्च प्राधिकारी होंगे। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को दो सप्ताह से ज्यादा का समय हो गया है। तालिबान के सूचना एवं सांस्कृतिक आयोग में वरिष्ठ अधिकारी मुफ्ती इनामुल्लाह समांगनी ने कहा कि नई सरकार पर सलाह-मशविरा करीब-करीब पूरा हो चुका है और कैबिनेट को लेकर भी जरूरी चर्चा कर ली गई है।

ईरान में, सर्वोच्च नेता देश का सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक प्राधिकारी है। उसका दर्जा राष्ट्रपति से ऊंचा होता है और वह सेना, सरकार और न्यायपालिका के प्रमुखों की नियुक्ति करता है। सर्वोच्च नेता का देश के राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य मामलों में निर्णय अंतिम होता है। उन्होंने कहा कि मुल्ला अखुनजादा सरकार के नेता होंगे और इस पर कोई सवाल नहीं होना चाहिए।

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उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति उनकी देखरेख में काम करेंगे। मुल्ला अखुनजादा तालिबान के शीर्ष धार्मिक नेता हैं और वह 15 साल तक बलूचिस्तान प्रांत के कछलाक इलाके में एक मस्जिद में कार्यरत रहे हैं। समांगनी ने कहा कि नए सरकारी ढांचे के तहत प्रांत गवर्नरों के जिम्मे होंगे जबकि जिला गवर्नर अपने-अपने जिलों की जिम्मेदारी संभालेंगे। तालिबान प्रांतों और जिलों के लिए गवर्नर, पुलिस प्रमुख और पुलिस कमांडरों की पहले ही नियुक्ति कर चुका है।

तालिबान सरकार के सामने कई चुनौतियां

लगभग पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर चुके तालिबान के लिए पंजशीर गले की फांस बना हुआ है। शुक्रवार को समूह ने घाटी पर कब्जे का दावा किया और कहा कि अहमद मसूद और अमरुल्लाह सालेह अफगानिस्तान छोड़ चुके हैं। वहीं सालेह ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि पंजशीर पर अब भी उनका कब्जा है। सरकार गठन के बाद तालिबान के आगे पंजशीर जैसी कई बड़ी चुनौतियां आने वाली हैं। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से नीचे जा रही है, कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात हैं और कई दिनों से जारी संघर्ष में अब तक लाखों अफगान मर चुके हैं।

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