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बूस्टर डोज़ पर आज विचार

देशभर में चिंता जनक स्थिति के बीच कुछ विशेषज्ञों की ओर से कोविड रोधी वैक्‍सीन के बूस्‍टर डोज की जरूरत पर जोर दिया जाने लगा है

बूस्टर डोज़ पर आज विचार

ज्योति कुमारी की रिपोर्ट दिल्ली: देशभर में कोरोना ने काफ़ी हानि पहुँचाई है। अब जब वर्तमान समय में जब देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन आ चुका है तब फिर से देशभर में चिंता जनक स्थिति के बीच कुछ विशेषज्ञों की ओर से कोविड रोधी वैक्‍सीन के बूस्‍टर डोज की जरूरत पर जोर दिया जाने लगा है। भारत में टीकाकरण के लिए बना समूह राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) आज कोविड-19 टीके के बूस्टर डोज पर विचार करेगा। बूस्टर डोज टीकों के नियमित डोज से अलग है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब लगे कि व्यक्ति की रोग के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। लेकिन अभी तक कोविड के बूस्टर डोज के फायदों को लेकर कोई वैज्ञानिक आधार या शोध सामने नहीं आए हैं।

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अब यदि बूस्टर डोज लगने का फैसला होता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जिन लोगों में ओमिक्रोन का खतरा अधिक होगा उन्हें पहले यह वैक्सीन दी जाएगी।आपको बता दें कि भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) अतिरिक्त टीके की ख़ुराक के साथ ही 18 साल से कम उम्र के लोगों के बीच टीकाकरण दोनों के लिए एक व्यापक नीति पर काम कर रहा है।

भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 8,306 नए मामले आए है साथ ही 8,834 रिकवरी भी हुईं और 211 लोगों की कोरोना से मौत हो गयी है।

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