सीतापुर में जमीन विवाद पर फायरिंग का आरोप, प्रशिक्षु IPS अधिकारी के पिता पर गंभीर सवाल
महोली क्षेत्र में जमीन विवाद के बीच एक महिला ने प्रशिक्षु IPS अधिकारी के पिता पर कब्जे की कोशिश और फायरिंग की साजिश रचने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Sitapur Land Dispute Firing: जमीन विवाद से बढ़ा तनाव
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में जमीन विवाद से जुड़ा एक मामला अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। महोली क्षेत्र में हुई कथित फायरिंग की घटना के बाद एक महिला ने प्रशिक्षु IPS अधिकारी के पिता पर विवादित जमीन पर कब्जा करने की कोशिश और फायरिंग की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
महिला ने क्या आरोप लगाए?
शिकायतकर्ता शोभना शुक्ला के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2018 में अधौरी बाईपास के पास लगभग डेढ़ करोड़ रुपये में एक भूखंड खरीदा था। उनका कहना है कि वह अपने परिवार के साथ उसी जमीन पर बने मकान में रह रही हैं और बाकी भूमि भी उनके कब्जे में है।
महिला का आरोप है कि प्रशिक्षु IPS अधिकारी के पिता विपिन बाजपेयी ने वर्ष 2022 में हुए एक बिक्री विलेख के आधार पर उसी जमीन पर दावा किया। इसी के बाद से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है।
तहसील के फैसले का भी किया उल्लेख
शोभना शुक्ला का कहना है कि करीब दो महीने पहले महोली तहसील प्रशासन का फैसला उनके पक्ष में आया था। इसके बावजूद, उनके अनुसार दूसरे पक्ष के लोग लगातार जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करते रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को करीब 24-25 लोग एक वाहन से उनके घर पहुंचे, बदसलूकी की और फायरिंग की। उनका दावा है कि यह पूरी घटना उन्हें डराने-धमकाने और जमीन खाली कराने के उद्देश्य से की गई।
पुलिस को क्या मिला?
महोली के पुलिस क्षेत्राधिकारी नागेंद्र चौबे ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से खाली कारतूस बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महिला की लिखित शिकायत प्राप्त हो चुकी है और उसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
मामला पहले से अदालत में विचाराधीन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला दो पक्षों के बीच चल रहे जमीन विवाद से जुड़ा है और यह विवाद पहले से ही अदालत में विचाराधीन है। इसलिए जांच में राजस्व अभिलेख, बिक्री विलेख और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
फायरिंग के आरोप से बढ़ी संवेदनशीलता
मामले में प्रशिक्षु IPS अधिकारी के पिता का नाम सामने आने के कारण यह विवाद और अधिक संवेदनशील हो गया है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज है और लोग पुलिस जांच पर नजर बनाए हुए हैं।
हालांकि, अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया है।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस क्षेत्राधिकारी नागेंद्र चौबे ने कहा कि:
- घटनास्थल से मिले कारतूसों की जांच की जा रही है।
- सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
- मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
- आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी।
Sitapur Land Dispute Firing का यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है। एक ओर महिला ने प्रशिक्षु IPS अधिकारी के पिता पर जमीन कब्जाने और फायरिंग की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा है और अदालत में भी विचाराधीन है।
घटनास्थल से मिले खाली कारतूस और दोनों पक्षों के दावों को देखते हुए यह मामला अब प्रशासन और पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। आगे की जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



