Safin Hasan IPS: सरकारी स्कूल से पढ़कर 22 साल में बने IPS, जानिए संघर्ष और सफलता की कहानी
Safin Hasan IPS: 22 साल में बने IPS, जानिए संघर्ष और सफलता की कहानी

सरकारी स्कूल से पढ़कर 22 साल में बने IPS: Safin Hasan की संघर्ष और सफलता की कहानी
गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी Safin Hasan IPS इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे गणपति बप्पा की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। सफीन हसन की पहचान सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के तौर पर नहीं है, बल्कि उनकी जिंदगी की कहानी उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक मानी जाती है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। सरकारी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने वाले सफीन ने महज 22 साल की उम्र में UPSC Civil Services परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई। मौजूदा आधिकारिक IPS सिविल लिस्ट में उनका पद SP, Mahisagar और गुजरात कैडर दर्ज है।
सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफीन हसन का सफर
Safin Hasan IPS का जन्म गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर के पास कानोदरा गांव में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से हुई। साधारण आर्थिक परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करते हुए उन्होंने अपने लिए एक बड़ा लक्ष्य तय किया। बचपन में ही सिविल सेवा में जाने की इच्छा उनके मन में पैदा हो गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, एक अधिकारी के स्कूल दौरे से भी उन्हें सिविल सेवा की ओर प्रेरणा मिली थी। एक छोटे गांव से निकलकर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को लगातार प्राथमिकता दी।
इसके बाद सफीन ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग के बाद उनके सामने नौकरी और प्लेसमेंट के विकल्प मौजूद थे, लेकिन उनका लक्ष्य सिर्फ नौकरी हासिल करना नहीं था। उन्होंने UPSC की तैयारी को प्राथमिकता दी।
GPSC में भी हासिल की सफलता
UPSC की तैयारी के दौरान सफीन हसन ने गुजरात लोक सेवा आयोग यानी GPSC की परीक्षा भी दी। इसमें उन्होंने 34वीं रैंक हासिल की और जिला रजिस्ट्रार के पद के लिए उनका चयन हुआ। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन सफीन का लक्ष्य इससे आगे का था।
उनका सपना भारतीय पुलिस सेवा में जाने का था। इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और UPSC Civil Services Examination पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
22 साल की उम्र में UPSC पास कर बने IPS
सफीन हसन की सफलता का सबसे चर्चित पहलू उनकी उम्र है। उन्होंने UPSC Civil Services परीक्षा में 570वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की और 22 साल की उम्र में IPS अधिकारी बने। आधिकारिक सेवा आवंटन रिकॉर्ड में Hasan Safin Mustufaali का नाम 570 रैंक के साथ IPS के रूप में दर्ज है।
यहां एक जरूरी बात यह है कि जिस परीक्षा की सफलता को आम तौर पर 2018 की UPSC परीक्षा के रूप में बताया जाता है, उसका परीक्षा चक्र 2017 का था और परिणाम/सेवा आवंटन 2018 में हुआ। इसी वजह से अलग-अलग रिपोर्टों में 2017 और 2018 दोनों का उल्लेख मिलता है।
गुजरात कैडर मिलने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा की शुरुआत की। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें जामनगर में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी मिली। इसके बाद उन्होंने गुजरात पुलिस में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं।
UPSC परीक्षा के दौरान हुआ था हादसा
Safin Hasan IPS Success Story की सबसे मुश्किल घटनाओं में से एक UPSC परीक्षा के दौरान हुआ हादसा है। रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा के समय सफीन एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
आमतौर पर ऐसी स्थिति में परीक्षा देना किसी के लिए बेहद कठिन हो सकता है, लेकिन सफीन ने परीक्षा अधूरी नहीं छोड़ी। चोटिल होने के बावजूद वे परीक्षा केंद्र पहुंचे और अपने पेपर पूरे किए। बाद में उन्हें इलाज और कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। उनकी इस घटना का जिक्र उनकी UPSC सफलता की कहानी में अक्सर किया जाता है।
यह घटना उनकी तैयारी और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाती है। हालांकि सफलता केवल एक परीक्षा देने से नहीं मिली थी। इसके पीछे लंबे समय की पढ़ाई, तैयारी और लगातार प्रयास भी शामिल थे।
गुजराती माध्यम से पढ़ाई, UPSC में सफलता
सफीन हसन की शिक्षा यात्रा का एक और खास पहलू उनका माध्यम है। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई गुजराती माध्यम से की। इसके बावजूद उन्होंने UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की।
रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने UPSC की लिखित परीक्षा गुजराती माध्यम में दी, जबकि इंटरव्यू के लिए अंग्रेजी भाषा का विकल्प चुना। उनकी कहानी यह बताती है कि प्रतियोगी परीक्षा में भाषा से ज्यादा तैयारी, विषय की समझ और निरंतर मेहनत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
गुजरात पुलिस में संभाली कई जिम्मेदारियां
IPS बनने के बाद सफीन हसन ने गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस सेवा दी। जामनगर और भावनगर में काम करने के साथ उन्होंने अहमदाबाद में ट्रैफिक डीसीपी की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद उन्हें महिसागर जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया।
भारत सरकार के आधिकारिक IPS Civil List 2026 में उनका नाम गुजरात कैडर के अधिकारी के रूप में दर्ज है और वर्तमान पद SP, Mahisagar बताया गया है। रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 14 अप्रैल 1995 और B.Tech शैक्षणिक योग्यता भी दर्ज है।
युवाओं के लिए क्यों खास है Safin Hasan IPS का सफर?
सफीन हसन की कहानी सिर्फ UPSC में 570वीं रैंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। उनके सफर में सरकारी स्कूल से पढ़ाई, इंजीनियरिंग की शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, GPSC में सफलता, UPSC की तैयारी और परीक्षा के दौरान हादसे जैसी कई परिस्थितियां शामिल हैं।
आज वे पुलिस सेवा में जिम्मेदारी निभाने के साथ युवाओं को शिक्षा, मेहनत और अपने लक्ष्य पर लगातार काम करने का संदेश देते हैं। अलग-अलग मौकों पर उनके आध्यात्मिक और धार्मिक विचार भी चर्चा में रहे हैं। वे भगवद्गीता, रामायण, बाइबल और कुरान जैसे धार्मिक ग्रंथों से सकारात्मक सीख लेने की बात कर चुके हैं।
हाल ही में गणपति बप्पा की भक्ति से जुड़ा उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। इससे उनकी सार्वजनिक छवि का एक अलग पहलू सामने आया है।
छोटे गांव से IPS तक का सफर
Safin Hasan IPS की कहानी उन युवाओं के लिए एक उदाहरण है जो मानते हैं कि बड़े सपने देखने के लिए बड़े शहर या महंगे संसाधन जरूरी हैं। उनका सफर दिखाता है कि सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाला एक छात्र भी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक को पास कर सकता है।
हालांकि UPSC में सफलता के लिए सिर्फ प्रेरणा पर्याप्त नहीं होती। लंबे समय तक पढ़ाई, सही रणनीति, लगातार अभ्यास और असफलताओं के बावजूद तैयारी जारी रखना भी जरूरी होता है। सफीन हसन की यात्रा में ये सभी पहलू दिखाई देते हैं।
22 साल की उम्र में IPS अधिकारी बनने से लेकर गुजरात पुलिस में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने और वर्तमान में महिसागर के पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवा देने तक उनका सफर लगातार आगे बढ़ता रहा है। यही वजह है कि उनकी कहानी आज भी UPSC और सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।



