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Patanjali Ghee Controversy: बृजभूषण से मुलाकात के बाद बाबा रामदेव ने दूर किए भ्रम, बोले- ‘न घी नकली, न कोई दवा’

पतंजलि के घी और दवाइयों को लेकर उठे सवालों पर बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी सफाई, बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात के बाद विवाद खत्म होने की बात कही

पतंजलि के उत्पादों को लेकर चल रहे विवाद के बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। उन्होंने पतंजलि के गाय के घी में मिलावट और कंपनी की दवाइयों के नकली होने से जुड़े आरोपों को खारिज किया। रामदेव ने कहा कि पतंजलि का घी पूरी तरह शुद्ध है और कंपनी की कोई दवा नकली नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ सुनी-सुनाई बातों के आधार पर वीडियो और दावे किए जा रहे हैं।

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव ने बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, बृजभूषण सिंह के मन में भी कुछ बातों को लेकर भ्रम था। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि ये भ्रम दूर हो गए हैं और विवाद का पटाक्षेप हो गया है।

पतंजलि घी पर बाबा रामदेव की सफाई

बाबा रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पतंजलि का गाय का घी नकली या मिलावटी नहीं है। उन्होंने घी की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों को अफवाह बताया और कहा कि पतंजलि के घी की किसी भी लैब में जांच कराई जा सकती है।

रामदेव ने यह भी दावा किया कि पतंजलि का घी विदेशों में भी सप्लाई किया जाता है और अब तक किसी टेस्ट में फेल नहीं हुआ है। उन्होंने घी में जानवरों की चर्बी, हड्डियों से निकले पदार्थ या वनस्पति तेल मिलाए जाने के आरोपों को भी खारिज किया।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये बाबा रामदेव और पतंजलि की ओर से दिए गए दावे हैं। उत्पाद की गुणवत्ता से जुड़े किसी विवाद में अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक जांच, लैब रिपोर्ट या न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होता है।

दवाइयों को लेकर भी दिया जवाब

घी के साथ-साथ पतंजलि की दवाइयों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। रामदेव ने इन दावों को भी खारिज करते हुए कहा कि पतंजलि की कोई दवा नकली नहीं है।

उन्होंने कहा कि वह पारदर्शिता और प्रमाणिकता के साथ काम करते हैं और उनका जीवन देश सेवा के लिए समर्पित है। रामदेव ने अपने संन्यासी जीवन और पतंजलि के कामकाज को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

उनका कहना था कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर सुनी-सुनाई बातों को आधार बनाकर वीडियो बनाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले तथ्यों की जांच की जानी चाहिए।

बृजभूषण शरण सिंह से क्यों हुई थी तकरार?

दरअसल, पतंजलि और बृजभूषण शरण सिंह के बीच घी की गुणवत्ता को लेकर पिछले दिनों सार्वजनिक बयानबाजी हुई थी। सितंबर 2026 में बृजभूषण ने पतंजलि के घी और अन्य उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने घी की कीमत और उत्पादन लागत को लेकर भी सवाल खड़े किए थे।

इसके बाद विवाद बढ़ गया था। पतंजलि की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा किए जाने की खबर भी सामने आई थी। इस कानूनी विवाद के बीच दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी लगातार चर्चा में रही।

बृजभूषण ने सार्वजनिक मंचों से पतंजलि के उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर अपने आरोप दोहराए थे। वहीं रामदेव ने इन आरोपों को गलत बताते हुए लगातार सफाई दी।

मुलाकात के बाद विवाद खत्म करने का दावा

अब बाबा रामदेव ने बताया है कि उनकी बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात हुई। रामदेव के मुताबिक, बृजभूषण ने सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बयान दिया था और मुलाकात के दौरान उनसे जुड़े भ्रम दूर हो गए।

रामदेव ने कहा कि वह विवाद को आगे नहीं बढ़ाना चाहते और मुलाकात के बाद मामला खत्म हो गया है। उन्होंने बृजभूषण सिंह का धन्यवाद भी किया।

हालांकि, दोनों पक्षों के बीच पहले हुई सार्वजनिक बयानबाजी और मानहानि मामले को देखते हुए इस घटनाक्रम पर आगे की कानूनी स्थिति पर भी नजर रहेगी।

50 करोड़ के मानहानि मामले का भी जिक्र

पतंजलि और बृजभूषण के बीच विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किया था।

बृजभूषण ने इस कानूनी कार्रवाई को लेकर भी सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि वह इस मामले का सामना करेंगे। इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में पतंजलि के घी और उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उनके लगातार दिए गए बयान रहे हैं।

अब रामदेव की ताजा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विवाद को लेकर दोनों पक्षों की आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।

रामदेव ने लोगों से क्या कहा?

बाबा रामदेव ने अपने बयान में कहा कि पतंजलि के उत्पादों को लेकर फैल रही बातों पर बिना जांच के विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पतंजलि घी की गुणवत्ता को लेकर चुनौती देते हुए कहा कि लोग इसे किसी भी लैब में टेस्ट करा सकते हैं।

उनका कहना है कि पतंजलि का घी देश के अलावा कई अन्य देशों में भी उपलब्ध है और कंपनी अपने उत्पादों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।

आगे क्या होगा?

बाबा रामदेव और बृजभूषण शरण सिंह के बीच मुलाकात के बाद फिलहाल सार्वजनिक बयानबाजी का रुख बदलता दिखाई दे रहा है। रामदेव ने दावा किया है कि मुलाकात के बाद बृजभूषण के मन में मौजूद भ्रम दूर हो गए और विवाद का पटाक्षेप हो गया।

हालांकि, इस पूरे मामले में एक तरफ पतंजलि उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोप हैं और दूसरी तरफ बाबा रामदेव की ओर से उनका स्पष्ट खंडन है। इसलिए अंतिम स्थिति समझने के लिए आधिकारिक जांच, उपलब्ध लैब रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।

फिलहाल बाबा रामदेव का ताजा संदेश यही है कि पतंजलि का घी नकली नहीं है और कंपनी की दवाइयों को लेकर लगाए जा रहे दावों को भी वह खारिज करते हैं। वहीं बृजभूषण शरण सिंह से हुई मुलाकात के बाद उन्होंने दोनों के बीच पैदा हुए भ्रम के दूर होने और विवाद को समाप्त मानने की बात कही है।

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