Breaking News: उत्तर बिहार में मोबाइल पर बजा इमरजेंसी अलार्म, मौसम विभाग का 3 घंटे का अत्यंत गंभीर अलर्ट
दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के कई इलाकों में मोबाइल फोन पर अचानक इमरजेंसी सायरन बजने से लोग घबरा गए। बाद में पता चला कि यह मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग का वज्रपात, आंधी और भारी बारिश को लेकर जारी किया गया अलर्ट था।

पटना/दरभंगा: उत्तर बिहार के कई जिलों में सोमवार (08 जून 2026) की शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब हजारों लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक तेज इमरजेंसी सायरन बजने लगा। शाम करीब 7:27 बजे दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर समेत आसपास के इलाकों में लोगों के मोबाइल पर यह अलर्ट एक साथ पहुंचा, जिससे शुरुआत में लोग घबरा गए और कई लोग घरों से बाहर निकलकर जानकारी जुटाने लगे।
कुछ ही देर बाद स्पष्ट हुआ कि यह किसी सुरक्षा या अन्य आपातकाल का मामला नहीं, बल्कि मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी किया गया ‘अत्यंत गंभीर आपातकालीन मौसम अलर्ट’ (Extremely Severe Alert) था। यह चेतावनी लोगों को संभावित प्राकृतिक आपदा से पहले सतर्क करने के उद्देश्य से जारी की गई थी।
अगले 3 घंटे के लिए जारी हुआ गंभीर अलर्ट
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मोबाइल फोन पर भेजे गए फ्लैश मैसेज में बताया गया कि उत्तर बिहार के कई क्षेत्रों में मौसम बेहद खराब होने की संभावना है। विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार दरभंगा और मधुबनी जिले के कई हिस्सों में भीषण वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की प्रबल संभावना है। इसके अलावा तेज आंधी, झोंकेदार हवाएं और भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से खुले स्थानों, खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
एक नजर में मौसम विभाग का अलर्ट
| अलर्ट पैरामीटर | आधिकारिक विवरण |
|---|---|
| अलर्ट जारी होने का समय | सोमवार शाम लगभग 07:27 बजे |
| प्रभावित जिले | दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर |
| अलर्ट की श्रेणी | अत्यंत गंभीर आपातकालीन अलर्ट |
| प्रभावी अवधि | अगले 03 घंटे |
| मुख्य खतरा | वज्रपात, आंधी-तूफान और भारी बारिश |
क्या है अर्ली वार्निंग सिस्टम?
सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित अर्ली वार्निंग सिस्टम (Early Warning System) का उद्देश्य लोगों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं से पहले सचेत करना है। आधुनिक तकनीक के जरिए मोबाइल फोन पर सीधे अलर्ट भेजे जाते हैं ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- खराब मौसम के दौरान घर के अंदर सुरक्षित रहें।
- खुले मैदान, खेत और जलाशयों के पास जाने से बचें।
- पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।



