
महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा वाकया देखने को मिला है, जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हो रही है। भूटान की बल्लेबाज रित्शी चोदेन अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट इतिहास में ‘टाइम आउट’ होकर आउट होने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। यह घटना मलेशिया के मंटिन में आयोजित एसीसी महिला प्रीमियर कप के दौरान नेपाल और भूटान के बीच खेले गए मुकाबले में सामने आई।
नेपाल द्वारा दिए गए 114 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भूटान की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की पहली ही गेंद पर ओपनर न्गावांग चोदेन अपना विकेट गंवा बैठीं। इसके बाद बल्लेबाजी के लिए रित्शी चोदेन मैदान पर पहुंचीं, लेकिन वह पूरी तरह तैयार नहीं थीं। हेलमेट और ग्लव्स संभालते हुए वह क्रीज तक पहुंचने में देरी कर बैठीं और इसी दौरान लेग अंपायर से भी बातचीत करती नजर आईं।
रित्शी के समय पर स्ट्राइक लेने के लिए तैयार नहीं होने पर नेपाल की खिलाड़ी पूजा महतो और उनकी टीम ने ‘टाइम आउट’ की अपील कर दी। नियमों के अनुसार अंपायरों ने अपील स्वीकार करते हुए रित्शी चोदेन को आउट करार दे दिया। इस फैसले के बाद रित्शी बिना किसी विरोध के मैदान छोड़कर वापस पवेलियन लौट गईं। इस तरह भूटान ने केवल एक गेंद के भीतर अपने दो विकेट गंवा दिए।
हालांकि यह फैसला क्रिकेट के नियमों के मुताबिक सही था, लेकिन खेल भावना को लेकर इस पर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे खेल की भावना के अनुरूप नहीं माना। विवाद बढ़ने के बाद नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना पर खेद जताया।
नेपाल क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि क्रिकेट सिर्फ नियमों का खेल नहीं है, बल्कि खेल भावना और आपसी सम्मान भी इसकी अहम पहचान है। बोर्ड ने माना कि मैदान पर निष्पक्षता और सकारात्मक माहौल बनाए रखना सभी टीमों की जिम्मेदारी है। इसी कारण नेपाल क्रिकेट ने भूटान क्रिकेट बोर्ड और प्रभावित खिलाड़ी से बिना किसी शर्त के लिखित माफी भी मांगी।
इस घटना ने एक तरफ महिला क्रिकेट में नया रिकॉर्ड दर्ज किया, वहीं दूसरी ओर खेल भावना और नियमों के बीच संतुलन को लेकर नई बहस भी छेड़ दी है।



