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खूंटी में पुलिस-PLFI मुठभेड़: एरिया कमांडर श्रवण दास घायल, हथियार और अहम डायरी बरामद

खूंटी के इंदवन जंगल में पुलिस कार्रवाई के दौरान पीएलएफआई का एरिया कमांडर श्रवण दास घायल हुआ। पुलिस ने हथियार, कारतूस और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।

खूंटी में पुलिस-पीएलएफआई मुठभेड़: एरिया कमांडर श्रवण दास घायल, संगठन के नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले

खूंटी पुलिस पीएलएफआई मुठभेड़ में झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत जरियागढ़ थाना क्षेत्र के इंदवन जंगल में हुई कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) का एरिया कमांडर श्रवण दास घायल हो गया। पुलिस ने उसके पास से कई हथियार, कारतूस और संगठन की गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस अधीक्षक Rishabh Garg ने बताया कि शनिवार शाम गुप्त सूचना के आधार पर श्रवण दास को उसके कुछ सहयोगियों के साथ हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को जंगल में छिपाकर रखे गए हथियारों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद एक विशेष पुलिस टीम उसे साथ लेकर इंदवन जंगल पहुंची, जहां उसकी निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी की गई।

पुलिस के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान दो अतिरिक्त हथियार और कई कारतूस बरामद किए गए। इसी बीच श्रवण दास ने कथित तौर पर मौके पर मौजूद एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। अचानक हुई इस घटना से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें श्रवण दास गोली लगने से घायल हो गया। घायल उग्रवादी को पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए Rajendra Institute of Medical Sciences भेज दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने कुल चार छोटे हथियार, 29 कारतूस, पीएलएफआई के पर्चे और संगठन से संबंधित एक महत्वपूर्ण डायरी बरामद की है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद डायरी में कई ठेकेदारों और कारोबारियों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। इसके अलावा संगठन की गतिविधियों, रंगदारी नेटवर्क और संपर्क सूत्रों से जुड़ी जानकारी भी डायरी में मौजूद होने की संभावना है।

पुलिस का मानना है कि इस डायरी से संगठन के आर्थिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि पीएलएफआई से जुड़े अन्य सक्रिय सदस्यों और सहयोगियों की पहचान की जा सके।

श्रवण दास लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। उसके खिलाफ रेलवे निर्माण परियोजनाओं पर हमला, रंगदारी वसूली, गोलीबारी, आगजनी और उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भी शामिल था।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस को आशंका है कि संगठन के अन्य सदस्य आसपास के जंगलों में छिपे हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हालिया कार्रवाई पीएलएफआई के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बरामद दस्तावेजों और हथियारों के आधार पर आगे कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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