झारखंड में वोटर लिस्ट का विशेष पुनरीक्षण पूरा, 43.61 लाख नाम हटे; 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और सत्यापन में अनुपलब्ध मतदाताओं के नाम हटाए गए; 5 अगस्त से दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया शुरू।

Jharkhand Voter List Revision: विशेष पुनरीक्षण के बाद 43.61 लाख नाम हटे
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन विभाग ने नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस पुनरीक्षण के दौरान राज्य की मतदाता सूची से 43.61 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं, जिसके बाद मतदाताओं की कुल संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि पुनरीक्षण शुरू होने से पहले झारखंड में कुल 2 करोड़ 64 लाख 63 हजार 236 मतदाता पंजीकृत थे। नई ड्राफ्ट सूची में अब 2 करोड़ 21 लाख 1 हजार 249 मतदाता शामिल हैं।
नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कितने मतदाता?
निर्वाचन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान ड्राफ्ट सूची में:
- 1.12 करोड़ पुरुष मतदाता
- 1.08 करोड़ महिला मतदाता
- 260 थर्ड जेंडर मतदाता
शामिल हैं। इस प्रकार राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या में लगभग 43.61 लाख की कमी दर्ज की गई है।
कैसे चला विशेष पुनरीक्षण अभियान?
निर्वाचन आयोग के अनुसार यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलाया गया। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया।
अभियान के प्रमुख चरणों में शामिल थे:
- एन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण
- भरे हुए फॉर्म का संग्रह
- घर-घर सत्यापन
- रिकॉर्ड का मिलान
- डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान
इस प्रक्रिया के दौरान कुल 83.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा किए, जो संख्या में 2.21 करोड़ से अधिक है।
क्यों हटाए गए 43.61 लाख नाम?
निर्वाचन आयोग ने हटाए गए नामों का विस्तृत वर्गीकरण भी जारी किया है। आयोग के अनुसार हटाए गए नामों में शामिल हैं:
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| मृत मतदाता | 7.63 लाख |
| स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके | 15.92 लाख |
| सत्यापन में अनुपलब्ध / पता नहीं चला | 14.50 लाख |
| डुप्लीकेट नाम | 4.38 लाख |
| फॉर्म जमा करने से इनकार | 1.16 लाख |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं।
जिनका नाम हट गया, वे क्या करें?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं का नाम पहले की सूची में था लेकिन वे किसी कारणवश एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर सके, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।
ऐसे मतदाता 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक चलने वाली दावा एवं आपत्ति अवधि में फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र जमा कर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
नए मतदाताओं के लिए विशेष शिविर
निर्वाचन विभाग ने यह भी घोषणा की है कि 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए पूरे राज्य में विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
ये शिविर निम्न तिथियों को आयोजित होंगे:
- 8 अगस्त
- 9 अगस्त
- 22 अगस्त
- 23 अगस्त
इन शिविरों में नए मतदाता अपना पंजीकरण करा सकेंगे और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे।
अंतिम वोटर लिस्ट कब जारी होगी?
निर्वाचन आयोग ने पूरी प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया है:
| प्रक्रिया | तिथि |
| दावा एवं आपत्ति अवधि | 5 अगस्त – 4 सितंबर 2026 |
| दावों और आपत्तियों का निपटारा | 3 अक्टूबर 2026 |
| अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | 7 अक्टूबर 2026 |
इस प्रकार राज्य की अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व
मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण आगामी चुनावों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में नाम हटने से राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि केवल पात्र मतदाता ही सूची में शामिल रहें।
Jharkhand Voter List Revision के तहत झारखंड में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण ने राज्य की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव किया है। 43.61 लाख नाम हटाए जाने के बाद नई ड्राफ्ट सूची जारी हो चुकी है। जिन पात्र मतदाताओं का नाम छूट गया है, उन्हें 5 अगस्त से 4 सितंबर के बीच दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया में आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
अब सभी की नजर 7 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर है, जो आगामी चुनावी प्रक्रिया के लिए आधार तैयार करेगी।



