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जमशेदपुर डेयरी कर्मचारी की मौत पर बवाल, परिजनों ने कंपनी गेट पर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

रविन्द्र नाथ ठाकुर की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। मुआवजा, निष्पक्ष जांच और हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी।

जमशेदपुर डेयरी कर्मचारी मौत मामला

जमशेदपुर डेयरी कर्मचारी मौत मामला सरायकेला-खरसावां जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। गम्हरिया स्थित जमशेदपुर डेयरी के कर्मचारी रविन्द्र नाथ ठाकुर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके परिजनों और समर्थकों ने कंपनी के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी निष्पक्ष जांच, उचित मुआवजा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कंपनी गेट पर शुरू हुआ धरना

बुधवार को बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग कंपनी के मुख्य गेट पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन, संबंधित ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की।

पत्नी ने लगाए लापरवाही के आरोप

मृतक की पत्नी तारा देवी ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 17 जून को ड्यूटी के दौरान रविन्द्र नाथ ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। हालांकि, उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला।

परिजनों का दावा है कि अस्पताल ले जाने के बजाय उन्हें घर भेज दिया गया। इसके बाद परिवार के सदस्य उन्हें ईएसआई अस्पताल लेकर गए। फिर उन्हें टाटा मेन हॉस्पिटल रेफर किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स में भर्ती कराया गया। आखिरकार, 21 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बेटे ने उठाई कार्रवाई की मांग

मृतक के पुत्र चंदन ठाकुर ने भी कंपनी प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर इलाज मिलता तो उनके पिता की जान बच सकती थी।

इसके अलावा, उन्होंने संबंधित ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सामाजिक संगठनों ने भी किया समर्थन

धरने में कई सामाजिक संगठन भी शामिल हुए। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता रश्मि भेंगरा ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी मिलनी चाहिए। साथ ही, यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। दूसरी ओर, प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि कंपनी पर लगाए गए आरोप मृतक के परिजनों और प्रदर्शनकारियों के हैं। फिलहाल, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि वे अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच, उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।

कुल मिलाकर, यह मामला अब प्रशासन और जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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