Pakistan में फिर खड़ा हुआ जैश का आतंकी अड्डा, Operation Sindoor के 15 महीने बाद बहावलपुर में पुनर्निर्माण
ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त हुए जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह के दोबारा तैयार होने की खबर सामने आई है। सैटेलाइट तस्वीरों और ताजा रिपोर्टों में परिसर में पुनर्निर्माण और गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है।

Pakistan में फिर खड़ा हुआ जैश का आतंकी अड्डा, Operation Sindoor के 15 महीने बाद बहावलपुर में पुनर्निर्माण
पाकिस्तान के बहावलपुर से एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह परिसर का पुनर्निर्माण कर दिया गया है। यही परिसर मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाए गए ठिकानों में शामिल था। ताजा तस्वीरों और रिपोर्टों में यहां निर्माण कार्य पूरा होने और परिसर के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिलने का दावा किया गया है।
यह खबर ऐसे समय सामने आई है जब ऑपरेशन सिंदूर के करीब 15 महीने बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के बुनियादी ढांचे को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। मई 2026 में सामने आई हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों में भी बहावलपुर के इसी परिसर में भारी मशीनरी, निर्माण गतिविधियां और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के संकेत दिखाई दिए थे।
ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था परिसर को नुकसान
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया था।
बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह भी उन ठिकानों में शामिल था। ऑपरेशन के बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में परिसर के कई हिस्सों को भारी नुकसान पहुंचा हुआ दिखाई दिया था। NDTV ने मई 2025 में जारी सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर बहावलपुर परिसर में हुए नुकसान की रिपोर्ट की थी।
अब करीब 15 महीने बाद इसी परिसर के दोबारा तैयार होने की खबर सामने आई है।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा था निर्माण कार्य
इस पुनर्निर्माण की प्रक्रिया के संकेत पहले ही सामने आ गए थे। मई 2026 में India Today ने Vantor से प्राप्त हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण करते हुए बताया था कि बहावलपुर के Jamia Subhan Allah परिसर में भारी मशीनरी और निर्माण वाहन दिखाई दे रहे थे।
14 अप्रैल 2026 की तस्वीरों में परिसर में निर्माण गतिविधियां नजर आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद के क्षतिग्रस्त गुंबदों की भी मरम्मत की गई थी और नए सीमेंट के काम के संकेत दिखाई दे रहे थे।
यानी परिसर का पुनर्निर्माण अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी प्रक्रिया कई महीने पहले शुरू होने के संकेत मिल चुके थे।
अब पूरी तरह तैयार होने का दावा
23 अगस्त 2026 को सामने आई ताजा रिपोर्टों में दावा किया गया है कि Markaz Subhan Allah की बहाली पूरी हो चुकी है और परिसर फिर से ऑपरेशनल स्थिति में पहुंच गया है। Times of India की रिपोर्ट में नए गुंबद, प्लास्टर, पेंट और मार्बल का काम पूरा होने की बात कही गई है।
वहीं अन्य रिपोर्टों में भी परिसर के दोबारा तैयार होने और वहां गतिविधियां शुरू होने की बात सामने आई है। हालांकि, किसी भी आतंकी संगठन की गतिविधियों या परिसर के वास्तविक इस्तेमाल को लेकर स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जानकारी को अलग से देखना जरूरी है।
जैश-ए-मोहम्मद पर फिर उठे सवाल
जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान स्थित एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है और इसके प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वैश्विक आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया है।
बहावलपुर परिसर को लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से पहले भी इस परिसर को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में चर्चा होती रही है।
अब इसके पुनर्निर्माण की खबर सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान के दावों का जमीनी स्तर पर कितना असर हुआ है।
पुनर्निर्माण को लेकर फंडिंग के भी दावे
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि जैश से जुड़े नेटवर्क और सोशल मीडिया खातों के माध्यम से पुनर्निर्माण के लिए धन जुटाने की कोशिशें की गईं।
मई 2026 की India Today रिपोर्ट में आतंकी संगठन से जुड़े फंड जुटाने के प्रयासों और बहावलपुर परिसर के पुनर्निर्माण के बीच संबंधों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
हालांकि, फंडिंग से जुड़े दावों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए इन्हें फिलहाल रिपोर्टों और खुफिया आकलनों में किए गए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पाकिस्तान की आतंकवाद नीति पर सवाल
बहावलपुर परिसर के दोबारा तैयार होने की खबर पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी नीति पर सवाल खड़े करती है।
एक तरफ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की बात करता रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके क्षेत्र में प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की खबरें सामने आना चिंता बढ़ाता है।
भारत की सुरक्षा चिंताओं के लिहाज से भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में कई बड़े आतंकी मामलों से जुड़ा रहा है।
सिर्फ बहावलपुर ही नहीं, दूसरे ठिकाने की भी तस्वीरें सामने आई थीं
मई 2026 में India Today की रिपोर्ट में सिर्फ बहावलपुर की बात नहीं थी। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद में जैश से जुड़े बताए जाने वाले Syedna Bilal Mosque परिसर में भी निर्माण गतिविधियों के संकेत मिलने की बात कही गई थी।
22 अप्रैल 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में वहां साइट क्लियरेंस और निर्माण सामग्री दिखाई देने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, वहां पुरानी संरचना को हटाकर नए निर्माण की तैयारी के संकेत थे।
इससे यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी ढांचे पर कार्रवाई का असर लंबे समय तक क्यों नहीं दिखाई दे रहा।
भारत के लिए क्या मायने रखती है यह खबर?
भारत के नजरिए से Jaish-e-Mohammed Bahawalpur Base का दोबारा तैयार होना सुरक्षा के लिहाज से अहम घटनाक्रम है।
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकी ढांचे को निशाना बनाना था। ऐसे में यदि क्षतिग्रस्त परिसरों को कुछ ही समय में दोबारा तैयार किया जाता है, तो इससे यह संकेत मिलता है कि आतंकी नेटवर्क अपनी संरचनाओं को फिर से खड़ा करने की क्षमता रखते हैं।
हालांकि किसी परिसर का पुनर्निर्माण अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वहां से कोई नया आतंकी ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसके लिए अलग से विश्वसनीय और आधिकारिक सबूत जरूरी होंगे।
मसूद अजहर का नाम फिर चर्चा में
बहावलपुर परिसर का नाम सामने आते ही जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का नाम भी चर्चा में आता है। वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश से जुड़े ठिकानों पर भारत की कार्रवाई और अब उनके पुनर्निर्माण की खबरों ने एक बार फिर इस संगठन के नेटवर्क को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ाई है।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त किए गए आतंकी ढांचे को दोबारा खड़ा होने से रोकने के लिए पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।
बहावलपुर में मरकज सुभान अल्लाह के पुनर्निर्माण की खबरों ने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में पहले निर्माण गतिविधियां दिखाई दी थीं और अब ताजा रिपोर्टों में परिसर के फिर से तैयार होने की बात कही जा रही है।
फिलहाल यह घटनाक्रम भारत-पाकिस्तान के बीच सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण अपडेट माना जा रहा है।


