International News

इंडोनेशिया के जावा सागर में बड़ा फेरी हादसा, 6 लोगों की मौत; 129 लोग अब भी लापता

खराब मौसम के बीच पलटी ‘विर्गो ट्रांसपोर्ट 8’, 243 लोगों को लेकर सुरबाया से बंजारमासिन जा रही थी फेरी

इंडोनेशिया के जावा सागर से एक बड़ी समुद्री दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहां खराब मौसम के बीच यात्रियों को लेकर जा रही एक फेरी हादसे का शिकार हो गई। हादसे के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटना में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, हादसे का शिकार हुई फेरी का नाम ‘विर्गो ट्रांसपोर्ट 8’ बताया जा रहा है। यह जहाज इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत के सुरबाया से दक्षिण कालीमंतन प्रांत के बंजारमासिन की ओर जा रहा था। फेरी में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों समेत कुल 243 लोग सवार थे। यात्रा के दौरान जावा सागर में मौसम अचानक खराब हो गया और तेज लहरों के बीच जहाज पलट गया।

खराब मौसम के बीच पलटी फेरी

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, फेरी का संपर्क रविवार तड़के करीब दो बजे के आसपास टूट गया था। इसके बाद जहाज के संचालक की ओर से प्रशासन को सूचना दी गई। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि समुद्र में तेज हवाएं चल रही थीं और लहरों की ऊंचाई करीब ढाई से तीन मीटर तक पहुंच रही थी। ऐसी परिस्थितियों में फेरी को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो गया।

हादसे के बाद इंडोनेशिया की राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी यानी बासार्नास ने राहत अभियान शुरू किया। बचाव दलों ने समुद्र में कई जहाजों और हेलीकॉप्टरों की मदद से यात्रियों की तलाश शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 108 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि छह शव बरामद किए गए हैं। वहीं, 129 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

बड़े स्तर पर चल रहा है राहत और बचाव अभियान

बचाव अभियान में इंडोनेशियाई नौसेना, तटरक्षक बल, समुद्री पुलिस और अन्य एजेंसियां शामिल हैं। अधिकारियों ने कई बचाव जहाजों, हेलीकॉप्टरों, विमानों और गोताखोरों को अभियान में लगाया है। हालांकि, समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण राहत कार्य में काफी कठिनाइयां आ रही हैं।

बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता यात्रियों का पता लगाना है। अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम के कारण समुद्र में तलाशी अभियान प्रभावित हो रहा है। कुछ इलाकों में पानी के भीतर खोज अभियान शुरू करना भी मुश्किल बना हुआ है। इसके बावजूद बचाव दल लगातार संभावित स्थानों पर तलाश कर रहे हैं।

हादसे के बाद बंजारमासिन और आसपास के बंदरगाहों पर यात्रियों के परिजन पहुंचने लगे हैं। परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से बचाए गए लोगों और लापता यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि परिवारों को सही जानकारी दी जा सके।

फेरी में सवार थे 243 लोग

जानकारी के अनुसार, फेरी में 213 यात्री और 30 चालक दल के सदस्य सवार थे। जहाज पर कई वाहन भी लदे हुए थे। फेरी इंडोनेशिया के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच यात्रा कर रही थी। इंडोनेशिया में हजारों द्वीप होने के कारण समुद्री परिवहन आम लोगों की आवाजाही का एक महत्वपूर्ण साधन है।

इंडोनेशिया में फेरी का इस्तेमाल यात्री, वाहन और सामान एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। कई इलाकों में समुद्री यात्रा हवाई या सड़क परिवहन की तुलना में सस्ती और अधिक सुविधाजनक मानी जाती है। लेकिन खराब मौसम, तकनीकी समस्याओं और सुरक्षा मानकों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

हादसे की वजह की जांच जारी

फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती तौर पर खराब मौसम और तेज समुद्री लहरों को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारी तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रहे हैं।

इंडोनेशिया के परिवहन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि जहाज की स्थिति कैसी थी, मौसम की चेतावनी समय पर जारी की गई थी या नहीं और क्या फेरी सभी सुरक्षा नियमों का पालन कर रही थी।

पहले भी हो चुके हैं समुद्री हादसे

इंडोनेशिया में समुद्री हादसे कोई नई बात नहीं हैं। देश में बड़ी संख्या में लोग रोजाना फेरी और यात्री जहाजों के जरिए यात्रा करते हैं। कई बार खराब मौसम, तेज लहरों, जहाजों की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

जावा सागर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर समुद्री परिवहन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए मौसम की सटीक निगरानी, जहाजों की नियमित जांच, पर्याप्त लाइफ जैकेट और आपातकालीन प्रशिक्षण बेहद जरूरी हैं।

फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की ओर से लापता लोगों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बचाव दल कितने लोगों को सुरक्षित निकाल पाते हैं और हादसे की पूरी सच्चाई जांच के बाद कब सामने आती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: