अयोध्या से लौटे केजरीवाल का बड़ा ऐलान, अमृतसर में बनेगा माता सीता और लव-कुश का भव्य मंदिर
अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में माता सीता और लव-कुश मंदिर निर्माण की घोषणा की। साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का भी विस्तार करने का ऐलान किया।
अयोध्या से लौटे केजरीवाल का बड़ा ऐलान, अमृतसर में बनेगा माता सीता और लव-कुश का भव्य मंदिर
Arvind Kejriwal Ayodhya Visit के बाद पंजाब की राजनीति और धार्मिक गलियारों में एक बड़ी घोषणा चर्चा का विषय बन गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के बाद पंजाब के अमृतसर में माता सीता और लव-कुश के भव्य मंदिर के निर्माण का ऐलान किया है। उन्होंने यह घोषणा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।
केजरीवाल ने कहा कि अमृतसर केवल सिख समुदाय के लिए ही नहीं बल्कि देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां पहले से श्री हरमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, जलियांवाला बाग और वाघा बॉर्डर जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मौजूद हैं। अब इस श्रृंखला में वाल्मीकि तीर्थ के निकट माता सीता और लव-कुश का एक भव्य मंदिर विकसित करने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता ने वनवास के दौरान महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में समय बिताया था और यहीं लव तथा कुश का जन्म हुआ था। यही स्थान उनकी शिक्षा-दीक्षा का भी केंद्र माना जाता है। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार इस क्षेत्र को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मंदिर निर्माण का उद्देश्य केवल एक धार्मिक स्थल बनाना नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और रामायण से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को संरक्षित और विकसित करना भी है। उनका कहना था कि इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा तथा अमृतसर के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी परियोजना का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि योजना में अब कई नए तीर्थ स्थलों को शामिल किया जाएगा। इनमें सालासर बालाजी, खाटू श्याम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन प्रमुख हैं।
केजरीवाल ने कहा कि विस्तारित योजना के तहत लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का लाभ मिलेगा। उनका दावा है कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वरिष्ठ नागरिकों को भी प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अरविंद केजरीवाल हाल ही में अयोध्या यात्रा से लौटे हैं। इसलिए इस कदम को धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह धार्मिक विरासत के संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
घोषणा के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। विभिन्न दल इस फैसले को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। कुछ इसे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि अभी तक मंदिर निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, बजट और निर्माण की समय-सीमा को लेकर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
फिलहाल अमृतसर में प्रस्तावित माता सीता और लव-कुश मंदिर तथा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार की घोषणा ने पंजाब की राजनीति और धार्मिक जगत में नई चर्चा शुरू कर दी है। अब सभी की नजर राज्य सरकार की आगामी कार्ययोजना और इस परियोजना के क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।


