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वाराणसी के नाराज़ वकील हड़ताल पर, ज्ञानवापी केस की सुनवाई पर संशय हिन्दू पक्ष ने की अपील- काम करने दें

ज्ञानवापी मस्जिद श्रृंगार गौरी मामले में वाराणसी कोर्ट में कल दायर की गई याचिका पर आज सुनवाई की जानी है. हालांकि विशेष सचिव की टिप्पणी से नाराज़ वकीलों ने कार्य बहिष्कार का फैसला किया है.

वाराणसी के नाराज़ वकील हड़ताल पर, ज्ञानवापी केस की सुनवाई पर संशय हिन्दू पक्ष ने की अपील- काम करने दें

ज्ञानवापी मस्जिद श्रृंगार गौरी मामले में वाराणसी कोर्ट में कल दायर की गई याचिका पर आज सुनवाई की जानी है. हालांकि विशेष सचिव की टिप्पणी से नाराज़ वकीलों ने कार्य बहिष्कार का फैसला किया है.

सेजल सिंह की रिपोर्ट,रांची: ज्ञानवापी मस्जिद श्रृंगार गौरी मामले में वाराणसी कोर्ट में कल दायर की गई याचिका पर आज सुनवाई की जानी है. हालांकि विशेष सचिव की टिप्पणी से नाराज़ वकीलों ने कार्य बहिष्कार का फैसला किया है. ऐसे में ज्ञानवापी केस की सुनवाई पर संशय बना हुआ है. इसी बीच हिंदू पक्ष ने बनारस बार एसोसिएशन को एक पत्र लिखा है. पत्र में मांग की है कि ज्ञानवापी मस्ज़िद की सुनवाई बेहद अहम है.

इसलिए ज्ञानवापी पक्ष से जुड़े वकीलों को कार्य करने की अनुमति दी जाए. दरअसल ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले में तीन बिंदुओ को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. जिसमें वजू के स्थान को शिफ्ट करने की मांग की, बड़े नंदी के सामने बंद दीवार को तोड़े जाने की मांग और कथित शिवलिंग की नाप जोख कराने की मांग की गई है. अर्ज़ी की इन मांगों पर सुनवाई की जानी है. साथ ही मुस्लिम पक्ष आज अपनी आपत्ति दाखिल करेगा.

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वहीं उत्तर प्रदेश के विशेष सचिव द्वारा एडवोकेट पर की गई टिप्पणी को लेकर वाराणसी के जिला अदालत में आज वकील अपने कार्य से विरत रह सकते हैं. इसके लिए कल एक बैठक हुई थी. उत्तर प्रदेश के विशेष सचिव ने एडवोकेट को लेकर कुछ टिप्पणी की थी. जिससे नाराज वकीलों ने उसके विरोध में कार्य बहिष्कार किया है. आज फिर वकील बैठक करेंगे और निर्णय करेंगे कि आगे क्या करना है.

लिहाजा आज के कार्यवाही पर संशय बना रहेगा कि क्या ये होगी की गौरतलब है कि ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे में हिन्दू पक्ष ने वजूखाने की जगह पर शिवलिंग मिलने का दावा किया है. उसने कोर्ट से इस स्थान को सील करने के साथ सुरक्षा देने की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने उस स्थान को सील करने का आदेश दिया था. हालांकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि इस मामले में लगातार गुमराह करने का काम किया जा रहा है. उसने कहा कि जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है, वो एक फव्वारा मात्र है.

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