Breaking NewsEducation NewsJharkhand News

JPSC-JSSC को लेकर आज बड़ा फैसला संभव, पुनर्गठन से लेकर परीक्षा सुधार तक कैबिनेट में चर्चा

हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, JPSC अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति और परीक्षा सुधार समिति पर लग सकती है मुहर

JPSC-JSSC को लेकर आज बड़ा फैसला संभव, पुनर्गठन से लेकर परीक्षा सुधार तक कैबिनेट में चर्चा

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है। JPSC JSSC Latest Update के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य कैबिनेट की अहम बैठक होनी है। बैठक में झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के पुनर्गठन से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा और फैसला होने की संभावना है। इसके अलावा परीक्षा व्यवस्था में सुधार, आयोग में नियुक्तियों और भर्ती परीक्षाओं की जांच जैसे मुद्दे भी कैबिनेट के एजेंडे में अहम हो सकते हैं।

राज्य में पिछले कुछ समय से JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा है। कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर छात्र लगातार सवाल उठा रहे हैं। सरकार की ओर से भी परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाए जा चुके हैं।

JPSC के पुनर्गठन पर हो सकता है फैसला

आज की कैबिनेट बैठक में सबसे अहम मुद्दों में से एक JPSC का पुनर्गठन माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आयोग के अध्यक्ष और नए सदस्यों की नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा हो सकती है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो आयोग के कामकाज को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

JPSC राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती संस्थाओं में से एक है। ऐसे में आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर होने वाला फैसला भर्ती परीक्षाओं की आगामी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परीक्षा सुधार समिति पर भी नजर

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।

पिछली विशेष कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार समिति बनाने का फैसला लिया गया था। अब इस समिति में शामिल होने वाले अधिकारियों के नामों पर चर्चा हो सकती है।

इस समिति का उद्देश्य झारखंड की भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देना है। रिपोर्टों के अनुसार समिति को परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करना है।

सरकार की ओर से समिति को कम समय में अपनी रिपोर्ट देने का लक्ष्य भी रखा गया है।

JPSC-JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ

परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर नजर रखने के लिए JPSC और JSSC में Internal Vigilance Cell यानी आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने का फैसला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के तहत दोनों आयोगों में आंतरिक निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की बात सामने आई है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में संभावित अनियमितताओं पर नजर रखना और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

अगर यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है तो भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों की शुरुआती स्तर पर निगरानी की जा सकती है।

JSSC-CGL विवाद के बाद बढ़ा दबाव

JPSC-JSSC विवाद की सबसे बड़ी वजहों में JSSC-CGL परीक्षा भी रही है।

अभ्यर्थियों के लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने 17 अगस्त को JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया था। इसके साथ ही आउटसोर्स एजेंसी TDPL द्वारा 2014 के बाद कराई गई परीक्षाओं की जांच का भी फैसला लिया गया।

सरकार ने इसके अलावा कई अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी कार्रवाई की है। 19 अगस्त को सामने आई जानकारी के अनुसार कुल 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द की गईं, जबकि कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने और कई परीक्षाओं की CID जांच का फैसला भी लिया गया।

इस फैसले के बाद एक तरफ आंदोलन कर रहे छात्रों को राहत मिली, तो दूसरी तरफ पहले से चयनित अभ्यर्थियों के बीच भी चिंता बढ़ गई।

रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच का मुद्दा

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर सरकार की ओर से न्यायिक जांच की दिशा में भी कदम उठाए जाने की बात सामने आई है।

सरकार ने पहले ही संकेत दिया था कि कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति बनाई जा सकती है। वहीं, JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला अब न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है।

24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया है।

इससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

हाईकोर्ट के फैसलों से भी मामला अहम

भर्ती परीक्षा विवाद में अदालतों की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक झारखंड हाईकोर्ट ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगाई है। इससे पहले से चयनित अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है।

इस वजह से सरकार के सामने परीक्षा सुधार के साथ-साथ अदालतों में चल रहे मामलों को भी ध्यान में रखने की चुनौती है।

छात्रों की मांग क्या है?

JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की है।

छात्र चाहते हैं कि अगर किसी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं तो उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो। साथ ही भविष्य में पेपर लीक, परीक्षा केंद्रों की अव्यवस्था, तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

छात्र संगठनों की ओर से CBI या स्वतंत्र जांच की मांग भी उठती रही है। हालांकि सरकार ने अपनी ओर से CID जांच और परीक्षा सुधार समिति जैसे कदम उठाए हैं।

युवाओं के लिए क्यों अहम है आज की बैठक?

झारखंड में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं। JPSC और JSSC के जरिए राज्य के अलग-अलग विभागों में हजारों पदों पर भर्ती होती है।

ऐसे में आयोग की कार्यप्रणाली और परीक्षा व्यवस्था में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

अगर आज की कैबिनेट बैठक में JPSC के पुनर्गठन और परीक्षा सुधार से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो इसका असर आने वाली भर्ती परीक्षाओं पर पड़ सकता है।

सरकार के सामने बड़ी चुनौती

सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती अभ्यर्थियों का भरोसा वापस हासिल करना है।

एक तरफ कथित गड़बड़ियों की जांच कराना जरूरी है, तो दूसरी तरफ ईमानदारी से परीक्षा पास कर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना भी जरूरी है।

JSSC-CGL रद्द होने के बाद पहले से चयनित अभ्यर्थियों की ओर से भी विरोध सामने आया है। ऐसे में सरकार को ऐसा रास्ता निकालना होगा जिससे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और निर्दोष अभ्यर्थियों को अनावश्यक नुकसान न उठाना पड़े।

अब आज की बैठक पर टिकी नजर

फिलहाल सबकी नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक पर है।

बैठक में JPSC के पुनर्गठन, अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, परीक्षा सुधार समिति के सदस्यों और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर महत्वपूर्ण फैसले होने की संभावना है।

अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो झारखंड की भर्ती परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।

JPSC JSSC Latest Update को लेकर छात्रों के लिए आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कई हफ्तों से चल रहे विवाद के बीच सरकार परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी अगली रणनीति स्पष्ट कर सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
%d bloggers like this: