
रांची: राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से लापता तीन बच्चों की तलाश में जुटी पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार करण, अर्जुन और शिवा नायक तीन जून को हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और दोपहर तक स्टेशन परिसर में मौजूद थे। हालांकि जिस समय उनके लापता होने की आशंका जताई जा रही है, उसी दौरान स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे करीब तीन घंटे तक बंद रहे, जिससे जांच में बड़ी बाधा उत्पन्न हुई है।
पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में तीनों बच्चे हटिया रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार से अंदर जाते दिखाई दिए हैं। फुटेज के अनुसार बच्चे कुछ समय बाद स्टेशन परिसर से बाहर निकलकर यार्ड क्षेत्र की ओर गए और फिर वापस स्टेशन में लौट आए। इस दौरान उन्हें स्टेशन परिसर में पानी पीते और बैठकर समय बिताते हुए भी देखा गया।
जांच अधिकारियों के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे तक बच्चों की गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड हुईं। इसके बाद तकनीकी खराबी के कारण स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए और शाम करीब 4:30 बजे दोबारा चालू हुए। कैमरे शुरू होने के बाद बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला, जिससे रहस्य और गहरा गया है।
पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं बच्चे हटिया स्टेशन से गुजरने वाली Tapaswini Express में सवार होकर किसी अन्य राज्य की ओर तो नहीं चले गए। इसी कड़ी में बच्चों की तलाश के लिए रांची पुलिस की एक विशेष टीम ओडिशा के पुरी भेजी गई है।
इस बीच मामले में एक नया मोड़ तब आया जब करण की मां को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर 1800 रुपये भेजने पर बच्चों को वापस भेजने का दावा किया। पुलिस जांच में पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति हैदराबाद का साइबर ठग था। परिवार ने सतर्कता दिखाते हुए उसकी बातों में आकर कोई पैसा नहीं भेजा।
उधर बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने धुर्वा क्षेत्र में मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से खोज अभियान तेज करने और बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने की मांग की है।



