Raaj Kumar Jaani Secret: आखिर क्यों हर किसी को ‘जानी’ कहते थे राज कुमार? कुत्ते के नाम से जुड़ा था दिलचस्प राज
फिल्मों में अपने दमदार डायलॉग और 'जानी' बोलने के अंदाज से मशहूर राज कुमार की इस आदत के पीछे छिपा था एक दिलचस्प किस्सा। फिल्ममेकर केसी बोकाड़िया ने बताया कि अभिनेता के पालतू कुत्ते का नाम जानी था, इसलिए वह अपने कई परिचितों को भी इसी नाम से बुलाते थे।

Raaj Kumar Jaani Secret: आखिर क्यों हर किसी को ‘जानी’ कहते थे राज कुमार? कुत्ते के नाम से जुड़ा था दिलचस्प राज
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राज कुमार अपने दमदार अभिनय, शानदार आवाज और अनोखे अंदाज के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। फिल्मों में उनका डायलॉग बोलने का तरीका इतना खास था कि उनके कई संवाद आज भी दर्शकों की जुबान पर हैं। इन्हीं में एक शब्द था ‘जानी’, जिसे बोलने का उनका अंदाज बेहद मशहूर हुआ था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राज कुमार आखिर हर किसी को ‘जानी’ क्यों कहते थे? इसके पीछे एक ऐसा दिलचस्प किस्सा है, जिसका खुलासा फिल्म निर्माता केसी बोकाड़िया ने किया है। उनके मुताबिक, राज कुमार के पालतू कुत्ते का नाम ही जानी था और इसी वजह से अभिनेता अपने कई परिचितों को भी जानी कहकर बुलाते थे।
आखिर क्यों हर किसी को जानी कहते थे राज कुमार?
राज कुमार का नाम हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में लिया जाता है, जिनकी पहचान केवल उनके अभिनय से नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और बोलने के खास अंदाज से भी बनी। फिल्मों में जब वह अपने खास अंदाज में ‘जानी’ कहते थे, तो दर्शकों के बीच यह शब्द काफी लोकप्रिय हो जाता था।
उनके इस अंदाज को लेकर लंबे समय से लोगों के मन में जिज्ञासा रही है कि आखिर वह इस शब्द का इस्तेमाल इतनी बार क्यों करते थे। अब फिल्म निर्माता केसी बोकाड़िया ने इससे जुड़ा एक दिलचस्प राज साझा किया है।
बोकाड़िया के अनुसार, राज कुमार के पालतू कुत्ते का नाम जानी था। वह अपने कुत्ते को इसी नाम से पुकारते थे और धीरे-धीरे यह शब्द उनकी बोलचाल का हिस्सा बन गया। यही वजह थी कि वह अपने कई पुराने परिचितों और आसपास के लोगों को भी जानी कहकर संबोधित करते थे।
केसी बोकाड़िया को कभी नहीं कहा जानी
फिल्म निर्माता केसी बोकाड़िया ने इस किस्से के साथ एक और दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि राज कुमार कई लोगों को जानी कहकर बुलाते थे, लेकिन उन्हें कभी इस नाम से नहीं पुकारा।
राज कुमार हमेशा उन्हें ‘बोकाड़िया साहब’ कहकर संबोधित करते थे। बोकाड़िया ने इस बात को मजाकिया अंदाज में याद करते हुए कहा कि उनकी किस्मत अच्छी थी कि अभिनेता ने उन्हें कभी जानी नहीं कहा।
यह किस्सा राज कुमार के निजी जीवन और उनके अनोखे स्वभाव की एक अलग तस्वीर सामने लाता है। पर्दे पर गंभीर और प्रभावशाली नजर आने वाले अभिनेता की जिंदगी से जुड़ी ऐसी छोटी-छोटी बातें आज भी उनके प्रशंसकों को आकर्षित करती हैं।
अमिताभ बच्चन से भी मुश्किल था राज कुमार को संभालना
केसी बोकाड़िया ने राज कुमार के व्यक्तित्व के बारे में बात करते हुए यह भी बताया कि उनके साथ काम करना आसान नहीं था। उन्होंने राज कुमार की तुलना महानायक अमिताभ बच्चन से करते हुए कहा कि राज कुमार को संभालना अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा मुश्किल था।
बोकाड़िया के मुताबिक, अमिताभ बच्चन का काम करने का तरीका काफी हिसाब-किताब वाला और व्यावहारिक था। वहीं राज कुमार का स्वभाव मूडी था। वह अपने मूड के हिसाब से प्रतिक्रिया देते थे, इसलिए उनके साथ काम करते समय परिस्थितियों को समझना जरूरी होता था।
फिल्म निर्माता ने बताया कि किसी मूडी व्यक्ति को समझाना आसान नहीं होता, क्योंकि उसका व्यवहार हर समय एक जैसा नहीं रहता। यही वजह थी कि राज कुमार के साथ काम करना उनके लिए एक अलग तरह का अनुभव रहा।
एक फोन कॉल पर फिल्म के लिए तैयार हुए थे राज कुमार
केसी बोकाड़िया ने राज कुमार के साथ अपनी फिल्म ‘पुलिस और मुजरिम’ से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म के मुहूर्त शॉट की तैयारी चल रही थी और शूटिंग अगले दिन होनी थी।
ऐसे में उन्होंने एक शाम राज कुमार को फोन किया और उनसे फिल्म के एक सीन के बारे में बात करने की इच्छा जताई। अभिनेता ने उनकी बात सुनने के लिए हामी भर दी।
बोकाड़िया ने बताया कि राज कुमार किसी ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने में सहज नहीं होते थे, जिसका चेहरा वह पहले से नहीं जानते हों। उनके लिए सामने वाले व्यक्ति से परिचित होना भी काफी मायने रखता था।
जब बोकाड़िया ने उन्हें फिल्म का सीन समझाया, तो राज कुमार को वह पसंद आया। इसके बाद उन्होंने तुरंत अभिनेता से फिल्म में काम करने का अनुरोध किया। राज कुमार ने भी उनसे कहा कि वह उन्हें मना नहीं कर सकते।
फीस को लेकर भी हुआ दिलचस्प किस्सा
फिल्म को लेकर बातचीत के दौरान फीस का मुद्दा भी सामने आया। केसी बोकाड़िया ने बताया कि उन्होंने राज कुमार से पूछा कि वह फिल्म के लिए कितनी फीस लेना चाहेंगे।
इस पर अभिनेता ने पहले पूछा कि पिछली फिल्म के लिए उन्हें कितने पैसे दिए गए थे। बोकाड़िया ने जवाब दिया कि पिछली बार उन्हें 21 लाख रुपये मिले थे।
इसके बाद राज कुमार ने इससे अधिक रकम की मांग की। बातचीत के दौरान बोकाड़िया ने पहले 23 लाख रुपये और फिर 25 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा। आखिरकार अभिनेता इस प्रस्ताव पर तैयार हो गए।
बोकाड़िया ने उनसे एक और अनुरोध किया कि चूंकि फिल्म का मुहूर्त अगले दिन होना है, इसलिए वह अगली सुबह ही शूटिंग के लिए पहुंच जाएं।
पुराने पीले कोट में ही दे दिया था मुहूर्त शॉट
इस किस्से का सबसे दिलचस्प हिस्सा राज कुमार के कपड़ों से जुड़ा है। अभिनेता ने बोकाड़िया से पूछा कि इतनी जल्दी उनके लिए नए कॉस्ट्यूम का इंतजाम कैसे किया जाएगा।
इस पर फिल्म निर्माता ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि वह पिछले 25-30 साल से लगभग वैसे ही नजर आ रहे हैं, इसलिए नए कपड़ों की जरूरत नहीं है। उन्हें बस मुहूर्त शॉट के लिए आना है।
दिलचस्प बात यह रही कि राज कुमार अगले दिन उसी पीले कोट में शूटिंग के लिए पहुंचे, जिसे उन्होंने बी.आर. चोपड़ा की फिल्म ‘हमराज’ के मशहूर गाने ‘नीले गगन के तले’ में पहना था।
इस तरह बोकाड़िया के साथ उनका यह किस्सा फिल्मी दुनिया की यादगार कहानियों में शामिल हो गया।
आज भी याद किया जाता है राज कुमार का अनोखा अंदाज
राज कुमार का अभिनय, उनकी भारी आवाज और संवाद बोलने की खास शैली उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी। ‘जानी’ शब्द भी उनकी इसी पहचान का एक हिस्सा बन गया था।
फिल्म निर्माता केसी बोकाड़िया द्वारा साझा किया गया यह किस्सा बताता है कि इस लोकप्रिय शब्द के पीछे उनके पालतू कुत्ते का नाम जुड़ा हुआ था। साथ ही उनके स्वभाव, काम करने के तरीके और फिल्मी दुनिया के अनुभवों की भी झलक मिलती है।
राज कुमार आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके अभिनय और संवादों की लोकप्रियता अब भी कायम है। यही वजह है कि उनसे जुड़े पुराने किस्से सामने आते ही सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा शुरू हो जाती है। उनका ‘जानी’ कहने का अंदाज भी हिंदी सिनेमा की यादगार पहचान बना हुआ है।



