
राज्यसभा चुनाव पर महागठबंधन में सुलह की कोशिश, कांग्रेस-झामुमो ने दूर किए मतभेद
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर उभरे मतभेदों को दूर करने की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद झामुमो और कांग्रेस के बीच पैदा हुई नाराजगी को खत्म करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व सक्रिय हो गया है।
राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड की सियासत में गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। कांग्रेस के पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel तथा वरिष्ठ नेता Ajay Sharma इन दिनों रांची में कैंप कर रहे हैं। दोनों नेताओं ने दो दिनों में दूसरी बार मुख्यमंत्री Hemant Soren से मुलाकात कर चुनावी रणनीति और गठबंधन की स्थिति पर चर्चा की।
मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि गठबंधन में जो गलतफहमियां थीं, उन्हें बातचीत के जरिए दूर कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई दलों के साथ रहने पर छोटी-मोटी शिकायतें होना स्वाभाविक है, लेकिन संवाद से सभी मुद्दों का समाधान हो जाता है। बघेल ने भरोसा जताया कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम दोनों राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करेंगे।
कांग्रेस पर्यवेक्षक अजय शर्मा ने भी गठबंधन में किसी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए कहा कि इफ-बट जैसी कोई स्थिति नहीं थी और जो बातें सामने आईं, उन्हें स्पष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को दोनों उम्मीदवार नामांकन दाखिल करेंगे और जीत सुनिश्चित है।
इस बीच Jharkhand Ulgulan Morcha के अध्यक्ष Ravi Peter ने राज्यसभा चुनाव से नाम वापस लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि किसी आदिवासी या दलित चेहरे को उम्मीदवार बनाया जाए और झामुमो द्वारा बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का फैसला लिया।
अब सभी की नजरें राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की एकजुटता और चुनावी नतीजों पर टिकी हैं।



