RIMS Prisoner Escape: मेडिसिन ICU से पाकुड़ का कैदी फरार, सुरक्षा में तैनात जवानों पर उठे सवाल
रांची के RIMS में इलाज के दौरान फरार हुआ था पाकुड़ का कैदी सिद्धेश्वर मरैया, पुलिस ने शुरू की थी तलाश; सुरक्षा में तैनात जवानों के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) से कैदी के फरार होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, पाकुड़ का रहने वाला एक कैदी इलाज के लिए RIMS के मेडिसिन ICU में भर्ती था, जहां से वह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर फरार हो गया था। उपलब्ध पुरानी रिपोर्टों के अनुसार यह घटना फरवरी 2021 की है। इसलिए इसे मौजूदा 2026 की घटना के तौर पर पेश करने से पहले तारीख की पुष्टि करना जरूरी है।
रिपोर्ट के मुताबिक फरार कैदी की पहचान सिद्धेश्वर मरैया के रूप में हुई थी। वह पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बनकई गांव का रहने वाला बताया गया था और उस समय दुमका जेल में बंद था। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद उसे इलाज के लिए रांची स्थित RIMS लाया गया था।
मेडिसिन ICU से हुआ था फरार
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कैदी को RIMS के मेडिसिन ICU में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उसने सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दिया और अस्पताल से फरार हो गया। रिपोर्टों में बताया गया था कि उसने हाथ में लगी हथकड़ी की रस्सी काटकर भागने का रास्ता बनाया था।
कैदी के फरार होने की जानकारी सामने आते ही अस्पताल और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और आसपास के इलाकों के साथ-साथ पाकुड़ और दुमका में भी खोजबीन की गई थी।
सुरक्षा में तैनात जवानों से हुई पूछताछ
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल RIMS की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठा था। कैदी की निगरानी के लिए सुरक्षा जवान तैनात किए गए थे। उसके फरार होने के बाद ड्यूटी पर मौजूद जवानों के बयान लिए गए और मामले की जांच शुरू की गई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा में तैनात जवानों के बयान के आधार पर बरियातू थाना में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने कैदी की तलाश के लिए अलग-अलग इलाकों में सूचना भेजी थी। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे संभावित स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाने की बात सामने आई थी। CCTV फुटेज की जांच भी की जा रही थी।
RIMS में कैदियों की सुरक्षा के लिए अलग व्यवस्था
RIMS की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार अस्पताल में कैदियों के लिए अलग Prisoners Ward मौजूद है। यह वार्ड 2008 में शुरू किया गया था और इसकी देखरेख अस्पताल प्रशासन तथा राज्य पुलिस विभाग के स्तर पर होती है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस वार्ड की क्षमता 20 मरीजों की है और कैदियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की व्यवस्था की जाती है।
RIMS के अनुसार कैदी मरीजों के लिए अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के तहत सशस्त्र और गैर-सशस्त्र गार्ड उपलब्ध रहते हैं तथा मरीजों के अस्पताल के भीतर आने-जाने के दौरान उनकी निगरानी की जाती है।
पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले
RIMS से कैदी के फरार होने का यह मामला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाला अकेला मामला नहीं रहा है। फरवरी 2021 की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि इससे पहले भी मेडिसिन ICU से एक कैदी के फरार होने की घटना सामने आ चुकी थी।
इसके अलावा सितंबर 2021 में भी RIMS के ICU से एक उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी फरार हुआ था। उस मामले में भी कैदी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती था और उसकी निगरानी के लिए सुरक्षा जवान तैनात थे।
इन घटनाओं के कारण समय-समय पर RIMS में कैदी मरीजों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी हुई है पहल
RIMS में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को लेकर पहले भी प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाने की बात सामने आई है। जुलाई 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार RIMS निदेशक ने अस्पताल में तैनात होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बलों की ड्यूटी को मजबूत करने तथा जरूरत के अनुसार सशस्त्र सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। उस समय RIMS में बड़ी संख्या में होमगार्ड जवानों की तैनाती की जानकारी भी दी गई थी।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर मरीजों के साथ-साथ कैदी मरीजों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। खासकर ICU जैसे हिस्से में सुरक्षा और मेडिकल स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत रहती है।
पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
कैदी के फरार होने के बाद पुलिस की प्राथमिकता उसे दोबारा पकड़ना और घटना के पूरे घटनाक्रम को समझना होती है। इसके साथ ही यह पता लगाना भी जरूरी होता है कि सुरक्षा में कहां चूक हुई और कैदी को अस्पताल से बाहर निकलने का मौका कैसे मिला।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आपके दिए विवरण से मेल खाने वाली घटना फरवरी 2021 की है, न कि सितंबर 2026 की कोई सत्यापित ताजा घटना। अगर आपके पास इस खबर की 2026 वाली नई रिपोर्ट, लिंक या स्क्रीनशॉट है, तो उसके आधार पर इसे वर्तमान घटना के रूप में अपडेट किया जा सकता है।
फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक RIMS के मेडिसिन ICU से पाकुड़ के कैदी सिद्धेश्वर मरैया के फरार होने का मामला फरवरी 2021 में सामने आया था। इस घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी और सुरक्षा में तैनात जवानों के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई थी।


