रेड सी में बढ़ा खतरा, सऊदी के 2 ऑयल टैंकरों पर हूती का हमला, ‘एन्सेलिया’ में लगी आग
हूती विद्रोहियों ने 'एन्सेलिया' और 'लैला' टैंकरों पर मिसाइल हमले का दावा किया, समुद्री सुरक्षा एजेंसियां घटना की जांच में जुटीं।

Red Sea Houthi Attack: लाल सागर में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। Red Sea Houthi Attack से जुड़े ताजा घटनाक्रम में यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया। विद्रोहियों के अनुसार, जिन जहाजों को निशाना बनाया गया उनके नाम ‘एन्सेलिया’ और ‘लैला’ हैं। दूसरी ओर, समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार सऊदी झंडे वाले तेल टैंकर ‘एन्सेलिया’ पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लगने की सूचना मिली। हालांकि हमले से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
रिपोर्टों के मुताबिक यह हमला गुरुवार सुबह लाल सागर क्षेत्र में हुआ। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि सऊदी अरब के जिजान बंदरगाह के पास मौजूद तेल टैंकर ‘एन्सेलिया’ पर मिसाइल जैसी किसी वस्तु ने हमला किया। हमला जहाज के दाहिने हिस्से पर हुआ, जिसके बाद आग लग गई और जहाज से तत्काल सहायता की गुहार लगाई गई। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों की मदद से ‘एन्सेलिया’ और ‘लैला’ नामक दोनों टैंकरों को निशाना बनाया। संगठन का आरोप है कि ये जहाज सऊदी अरब के पक्ष में घोषित समुद्री प्रतिबंध का उल्लंघन कर रहे थे। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं। The Hormuz Report नाम के एक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से साझा किए गए वीडियो को हमले के बाद का बताया जा रहा है। हालांकि इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन दृश्यों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा कंपनी Vanguard ने भी पुष्टि की कि लाल सागर में सऊदी झंडे वाले एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। कंपनी के अनुसार घटना सऊदी अरब के अल शुकैक क्षेत्र से लगभग 130 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी भी चालक दल के सदस्य के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जहाज को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
हाल के दिनों में लाल सागर दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल हो गया है। इस रास्ते से वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में किसी भी प्रकार का हमला केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है।
हूती विद्रोहियों ने कुछ दिन पहले सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू करने का दावा किया था। संगठन का कहना था कि इस कदम का उद्देश्य सऊदी अरब से जुड़े समुद्री यातायात को प्रभावित करना है। विद्रोहियों ने यह भी दावा किया कि उनकी चेतावनी के बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया, हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लाल सागर में इस तरह की घटनाएं बढ़ती हैं तो अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों के मार्ग बदल सकती हैं। इससे माल ढुलाई की लागत बढ़ने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
इस बीच संबंधित देशों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखी है। जहाजों की सुरक्षा बढ़ाने, समुद्री मार्गों की निगरानी और संभावित खतरों से निपटने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। घटना की जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही हमले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल लाल सागर में बढ़ते तनाव ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस रणनीतिक समुद्री क्षेत्र की ओर खींच लिया है। आने वाले दिनों में इस घटना के सुरक्षा, कूटनीतिक और आर्थिक प्रभावों पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।



