
Weather Alert: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका असर उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में साफ दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत 15 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलभराव, यातायात प्रभावित होने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई झमाझम बारिश के बाद राजधानी और आसपास के इलाकों के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी देखने को मिली।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 9 जुलाई तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी गतिविधियां लगातार मजबूत हो रही हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 से 13 जुलाई के बीच कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
बिहार और झारखंड के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। दोनों राज्यों में 8 से 11 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है। किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और खुले स्थानों पर काम करने वालों को मौसम खराब होने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय राज्यों में भी मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अगले कई दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश का असर खेती, परिवहन और दैनिक जीवन पर भी पड़ सकता है। जहां एक ओर किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में मोबाइल फोन का उपयोग करने और बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। यदि तेज आंधी या वज्रपात हो तो सुरक्षित भवन या मजबूत आश्रय स्थल में रहना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नए अपडेट जारी कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखें और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून का प्रभाव बना रहने की संभावना है।