वैभव सूर्यवंशी को कब मिलेगा टीम इंडिया में मौका? रवि शास्त्री ने चयन पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड दौरे पर ही डेब्यू मिलना चाहिए था, जबकि सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने धैर्य रखने की सलाह दी।

वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर भारतीय क्रिकेट में चर्चा का केंद्र बन गए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन को वैभव सूर्यवंशी को जल्द से जल्द अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका देना चाहिए था। शास्त्री के अनुसार आयरलैंड दौरा इस युवा बल्लेबाज के डेब्यू के लिए सबसे उपयुक्त अवसर था, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया।

रवि शास्त्री ने सोनी स्पोर्ट्स से बातचीत के दौरान कहा कि आयरलैंड की परिस्थितियां वैभव सूर्यवंशी जैसे आक्रामक बल्लेबाज के लिए बेहद अनुकूल थीं। उन्होंने बताया कि वहां की धीमी और स्पंजी पिचें बल्लेबाजों को शॉट खेलने का समय देती हैं और छोटे मैदानों का फायदा उठाकर वैभव बड़े शॉट लगा सकते थे। उनका मानना है कि ऐसे माहौल में युवा खिलाड़ी को आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत कराई जा सकती थी।

शास्त्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने दुनिया के कई तेज और अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ निडर बल्लेबाजी की और अपनी विस्फोटक शैली से प्रभावित किया। ऐसे में लगातार उन्हें बेंच पर बैठाए रखना टीम के हित में सही फैसला नहीं माना जा सकता।

पूर्व भारतीय कोच का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए भविष्य के बड़े मैच विनर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज के अंदर बेखौफ बल्लेबाजी करने की क्षमता है और वह किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम होती है, जो शुरुआती ओवरों से ही विपक्षी टीम पर दबाव बना सकें।

रवि शास्त्री ने यह भी कहा कि भारतीय टीम को भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को समय पर अवसर देना चाहिए। उनका मानना है कि अगर किसी खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में खुद को साबित किया है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलना चाहिए।

हालांकि दूसरी ओर भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट का नजरिया थोड़ा अलग है। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह तैयार हैं और टीम प्रबंधन भी उनकी प्रतिभा से अच्छी तरह परिचित है, लेकिन उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

रयान टेन डोशेट के अनुसार मौजूदा टीम संयोजन में बदलाव करना आसान फैसला नहीं होता। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि संजू सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन से बाहर करना आसान नहीं है। टीम प्रबंधन का उद्देश्य खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना है ताकि वे लगातार प्रदर्शन कर सकें और आत्मविश्वास बनाए रखें।

भारतीय टीम फिलहाल संतुलित संयोजन के साथ आगे बढ़ना चाहती है। ऐसे में किसी नए खिलाड़ी को मौका देने से पहले टीम प्रबंधन सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है। हालांकि वैभव सूर्यवंशी का शानदार घरेलू और आईपीएल प्रदर्शन लगातार उनके पक्ष में माहौल बना रहा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं को समय पर मौका मिलना बेहद जरूरी है। वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी शैली उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। यदि उन्हें जल्द मौका मिलता है, तो वह भारत के टी20 सेटअप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अब सभी की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले पर टिकी हुई हैं। क्रिकेट प्रशंसक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या टीम इंडिया इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका देगी या फिर उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

यदि वैभव को मौका मिलता है, तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा पल होगा। वहीं अगर उन्हें फिर से बाहर बैठना पड़ता है, तो चयन को लेकर बहस और तेज हो सकती है। फिलहाल फैसला पूरी तरह टीम मैनेजमेंट और कप्तान की रणनीति पर निर्भर करेगा।

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