पीवीयूएनएल की तीसरी 800 मेगावाट इकाई मार्च 2027 तक होगी चालू, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

पतरातू पीवीयूएनएल परियोजना की तीसरी 800 मेगावाट इकाई 15 मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य। स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं को फ्लाई ऐश उत्पादों का प्रशिक्षण और सोलर हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना पर भी तेजी से काम।

पीवीयूएनएल की तीसरी 800 मेगावाट इकाई मार्च 2027 तक होगी चालू, स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

Patratu PVUNL परियोजना झारखंड की ऊर्जा क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। पतरातू स्थित पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की तीसरी 800 मेगावाट क्षमता वाली इकाई को 15 मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह जानकारी पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ए.के. सहगल ने रामगढ़ जिले के पतरातू में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी।

सीईओ ने बताया कि परियोजना के तहत पुराने ताप विद्युत संयंत्र की जगह अत्याधुनिक सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित पर्यावरण अनुकूल बिजली उत्पादन प्रणाली विकसित की जा रही है। इससे न केवल झारखंड की बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों को भी गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।

वर्तमान में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन

ए.के. सहगल ने बताया कि वर्तमान समय में पीवीयूएनएल की कुल उत्पादन क्षमता 1600 मेगावाट है। परियोजना के पहले चरण में स्थापित दो इकाइयां सफलतापूर्वक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। पहली 800 मेगावाट इकाई 5 नवंबर 2025 को और दूसरी इकाई 25 जून 2026 को उत्पादन प्रणाली से जुड़ी।

उन्होंने बताया कि अब तीसरी 800 मेगावाट इकाई का निर्माण अंतिम चरण में है और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे चालू करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।

कुल पांच इकाइयों की है योजना

सीईओ के अनुसार, पतरातू परियोजना के तहत कुल पांच सुपर क्रिटिकल इकाइयों की स्थापना की जानी है, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 800 मेगावाट होगी। पहले चरण में तीन इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि शेष दो इकाइयों के लिए स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि सभी पांच इकाइयों के चालू होने के बाद झारखंड की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी तथा भविष्य की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।

स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर विशेष फोकस

पीवीयूएनएल ने स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता बताया है। ए.के. सहगल ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान परियोजना में करीब 8 से 9 हजार श्रमिक कार्यरत थे।

अब जब दो इकाइयों का संचालन शुरू हो चुका है, तो ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) कार्यों में भी बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है। अनुभवी स्थानीय कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न कार्यों में शामिल किया जा रहा है।

सहकारी समितियों से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर

सीईओ ने बताया कि पिछले वर्ष जुलाई से छह सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिनसे वर्तमान में 400 से 550 लोग जुड़े हुए हैं।

भविष्य में इन समितियों को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के अलावा अन्य औद्योगिक गतिविधियों में भी भागीदारी दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार दोनों के अवसर बढ़ेंगे।

महिलाओं को फ्लाई ऐश उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीवीयूएनएल ने आसपास के 30 गांवों की 30 महिलाओं को 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है।

इस प्रशिक्षण में महिलाओं को फ्लाई ऐश से सजावटी और उपयोगी उत्पाद तैयार करने की तकनीक सिखाई गई है। पीवीयूएनएल इन उत्पादों को झारक्राफ्ट सहित अन्य बाजारों से जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रहा है, ताकि महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत मिल सके।

बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण

सीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए आसपास के गांवों के 20 युवाओं को जमशेदपुर स्थित प्रशिक्षण संस्थान में चार माह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण में 11 केवी ट्रांसफार्मर के संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों और तकनीकी कार्यों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये युवा स्वयं का रोजगार शुरू करने के साथ-साथ राज्य की बिजली व्यवस्था को भी तकनीकी सहयोग दे सकेंगे।

तीन महीने में लगेंगी सोलर हाईमास्ट लाइटें

प्रेस वार्ता के दौरान सीईओ ने घोषणा की कि अगले तीन महीनों के भीतर पीवीयूएनएल प्लांट गेट से पतरातू रेलवे गेट तक मुख्य सड़क के दोनों ओर सोलर हाईमास्ट और सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इससे रात के समय सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। परियोजना के तहत आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी लगातार निवेश किया जा रहा है।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में ईडी प्रोजेक्ट अनुपम मुखर्जी, जीएम ओएंडएम मनीष खेत्रपाल, जियाउर रहमान, अमित रौतेला, लाची गोला तथा सीएमओ शिप्रा रानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परियोजना की वर्तमान प्रगति, भविष्य की योजनाओं और स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की।

पीवीयूएनएल का कहना है कि बिजली उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है, ताकि परियोजना का लाभ सीधे आसपास के लोगों तक पहुंच सके।

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