बिहार में विधान परिषद की Patna Graduate MLC Seat को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दो नेताओं—मोकामा विधायक अनंत सिंह और मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार—के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मतभेद एक बार फिर चर्चा में हैं। जेडीयू ने 23 सितंबर 2026 को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार घोषित किया, जबकि अनंत सिंह पहले ही उनके बजाय डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान कर चुके थे।
इस राजनीतिक घटनाक्रम में 24 सितंबर को एक और महत्वपूर्ण मोड़ आया। प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी ने डॉ. अनुज सिंह को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। अनुज सिंह को पहले से ही अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त था। अब नीरज कुमार और अनुज सिंह आमने-सामने हैं, जबकि अनंत सिंह की भूमिका भी चुनावी चर्चा का अहम हिस्सा बनी हुई है।
JDU ने नीरज कुमार पर जताया भरोसा
जेडीयू ने पटना स्नातक सीट के लिए अपने मौजूदा एमएलसी और पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। नीरज कुमार इस सीट से लगातार चौथी बार विधान परिषद पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, नीरज कुमार पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चौथे लगातार कार्यकाल के लिए मैदान में हैं।
हालांकि उनकी उम्मीदवारी के सामने पार्टी के ही नेता अनंत सिंह का विरोध एक अलग राजनीतिक परिस्थिति पैदा करता है। अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनका विरोध जेडीयू से नहीं बल्कि नीरज कुमार से है। उन्होंने डॉ. अनुज सिंह के समर्थन की घोषणा करते हुए नीरज कुमार के खिलाफ अपने रुख को स्पष्ट किया है।
अनुज सिंह को जन सुराज का टिकट
जन सुराज ने 24 सितंबर को बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची पूरी की। इसी सूची में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह का नाम शामिल है। इससे चुनाव में नीरज कुमार के सामने सीधे तौर पर एक नया मुकाबला सामने आया है।
Times of India के अनुसार, अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन हासिल है और अब वह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। जन सुराज ने इस चुनाव में कई स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं।
जन सुराज की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा ऐसे समय हुई है जब पार्टी बिहार विधान परिषद चुनाव में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों के साथ चुनावी रणनीति को लेकर बैठकें भी की हैं।
कौन हैं डॉ. अनुज सिंह?
डॉ. अनुज सिंह शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नवादा विधानसभा सीट से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी शिक्षा Resource Geography में PhD तक है और उनका पेशा एक शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधन से जुड़ा बताया गया था।
उनके 2025 के चुनावी हलफनामे में एक आपराधिक मामला घोषित किया गया था। Association for Democratic Reforms (ADR) और MyNeta पर उपलब्ध हलफनामे के विश्लेषण के अनुसार यह मामला IPC की धारा 341 और 354 से संबंधित था और इसे लंबित मामले के रूप में दर्ज किया गया था। उसी रिकॉर्ड में किसी दोषसिद्धि का मामला दर्ज नहीं था।
यह जानकारी 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे से संबंधित है। किसी उम्मीदवार के वर्तमान कानूनी रिकॉर्ड की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए चुनावी संदर्भ में सबसे हालिया हलफनामे को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुराने मतभेद
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद नए नहीं हैं। दोनों नेता मोकामा क्षेत्र की राजनीति से जुड़े रहे हैं और 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनका राजनीतिक टकराव चर्चा में रहा था। Indian Express के अनुसार, दोनों के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का असर अब विधान परिषद चुनाव में भी दिखाई दे रहा है।
2019 के एक आपराधिक मामले को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर आरोप लगाए थे, जबकि नीरज कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया था। इस पुराने विवाद के कारण दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चा समय-समय पर होती रही है।
सितंबर 2026 में दोनों नेताओं के बीच मतभेद को कम करने की कोशिश भी की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, जेडीयू कार्यालय में दोनों नेताओं की बैठक हुई थी। हालांकि इसके बाद भी अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना सार्वजनिक रुख बदलने के बजाय डॉ. अनुज सिंह के समर्थन की घोषणा कर दी।
चुनावी मैदान में अब तीन नामों की चर्चा
पटना स्नातक सीट के मौजूदा समीकरण में सबसे प्रमुख नाम नीरज कुमार और डॉ. अनुज सिंह के हैं। नीरज कुमार को जेडीयू का आधिकारिक समर्थन हासिल है, जबकि अनुज सिंह को जन सुराज ने उम्मीदवार बनाया है और उन्हें अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त है।
इस पूरे घटनाक्रम में अनंत सिंह स्वयं उम्मीदवार नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा अनुज सिंह को समर्थन दिए जाने के कारण उनकी राजनीतिक भूमिका चर्चा में है। दूसरी तरफ जेडीयू की ओर से नीरज कुमार की उम्मीदवारी बरकरार रखे जाने से पार्टी के भीतर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।
कब होगा विधान परिषद चुनाव?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक इन सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना एवं परिणाम घोषित किए जाएंगे। इन आठ सीटों में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
इस चुनाव में पटना स्नातक सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां एक ओर जेडीयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार अपना राजनीतिक आधार बनाए रखने के लिए मैदान में हैं, वहीं दूसरी ओर जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। अनंत सिंह के समर्थन के कारण दोनों नेताओं के पुराने मतभेद भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बन गए हैं।
फिलहाल पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबले की तस्वीर सामने आ चुकी है। जेडीयू ने नीरज कुमार पर भरोसा जताया है, जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है और अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है। अब चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं के बीच कौन से मुद्दे प्रमुख रहते हैं और विभिन्न दल एवं नेता किस तरह अभियान चलाते हैं, इस पर नजर रहेगी।