
NDA March Parliament: संसद परिसर में बढ़ा राजनीतिक तापमान
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी सप्ताह में मंगलवार को सदन के बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समर्थन और विपक्ष के विरोध में NDA सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला। सांसदों ने मकर द्वार की ओर मार्च करते हुए विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
यह पूरा विवाद झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन, पुलिस लाठीचार्ज और CBI जांच की मांग से जुड़ा हुआ है, जिसने अब राष्ट्रीय राजनीति में भी जगह बना ली है।
मकर द्वार की ओर NDA सांसदों का मार्च
NDA सांसदों ने संसद परिसर में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मकर द्वार की ओर मार्च किया। सांसदों के हाथों में विपक्ष के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां थीं।
सत्ता पक्ष का आरोप था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन में बहस से बच रहा है। NDA नेताओं का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह झारखंड छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं।
अनुराग ठाकुर ने उठाया झारखंड छात्रों का मुद्दा
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि झारखंड के युवाओं को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह गंभीर चिंता का विषय है।
उनका कहना था:
“गृह मंत्री सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।”
अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए।
रविशंकर प्रसाद का राहुल गांधी पर हमला
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और CBI जांच की मांग के मुद्दे पर राहुल गांधी चुप हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस का “दोहरा मापदंड” है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ खड़ी है, तो उसे इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
सुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के पास इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से सदन में उपस्थित होकर गृह मंत्री का जवाब सुनने और झारखंड जाकर छात्रों से मिलने की बात कही।
उनके बयान ने सत्ता पक्ष की आक्रामक रणनीति को और स्पष्ट कर दिया।
प्रियंका गांधी का पलटवार
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने NDA सांसदों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं। पहली बार ऐसा देखा जा रहा है कि सरकार के सांसद ही प्रदर्शन कर रहे हैं।”
प्रियंका गांधी ने सत्ता पक्ष पर राजनीतिक प्रदर्शन करने का आरोप लगाया और कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और ठोस कार्रवाई से होना चाहिए।
राम मंदिर चंदा और अन्य मुद्दों पर भी हंगामा
इस बीच संसद में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चंदे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी विरोध प्रदर्शन किया। राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नकाल शुरू हुआ, जिससे मॉनसून सत्र का माहौल और अधिक गरम हो गया।
क्यों बढ़ा है झारखंड छात्र आंदोलन का राजनीतिक महत्व?
झारखंड का छात्र आंदोलन अब केवल राज्य का मुद्दा नहीं रह गया है। इसके साथ जुड़े हैं:
- भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का सवाल
- पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के आरोप
- पुलिस लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर विवाद
- CBI जांच की मांग
- युवाओं के रोजगार और भविष्य का मुद्दा
इसी वजह से यह मामला संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
मॉनसून सत्र के आखिरी तीन दिन अहम
संसद के मॉनसून सत्र के अब केवल तीन दिन बाकी हैं। ऐसे में झारखंड छात्र आंदोलन, गृह मंत्री के संभावित जवाब और विपक्ष के विरोध को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ता नजर आ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद की कार्यवाही और राष्ट्रीय राजनीति दोनों को प्रभावित कर सकता है।