अलवर में भीड़ की पिटाई से युवक की मौत, SP ने कहा- मॉब लिंचिंग जैसी बात नहीं, जांच जारी

राजस्थान के अलवर जिले में भीड़ की पिटाई से दलित युवक की मौत के मामले में बीते सोमवार को जिले की पुलिसअधीक्षक ने मौका मुआयना किया और संबंधित लोगों से घटना की जानकारी ली.

राजस्थान ब्यूरो : इस दौरान एसपी ने कहा कि मामले में फिलहाल मॉब लिंचिंग जैसी बात नहीं मिली है, लेकिन अंतिमतौर पुलिस की जांच–पड़ताल में सामने आए सबूतों के आधार पर कार्रवाई होगी.

दरअसल इस मामले में जिले की एसपी ने बताया कि वारदात के संबंध में बड़ौदामेव थाने में 2 मामले दर्ज किए गए है. जिसमें एक मृतक योगेश जाटव के पिता ने मारपीट का मामला दर्ज करवाया है, जबकि दूसरा मामला दुर्घटना का दर्जहुआ है. इस केस में लक्ष्मणगढ़ पुलिस के डीएसपी दोनों मामलों की जांच–पड़ताल कर रहे हैं. ऐसे में एसपी ने मामले कीगंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया है.

प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने NH किया जाम

गौरतलब है कि भरतपुर जिले की नगर तहसील के गांव भटपुरा के रहने वाले मृतक युवक योगेश जाटव के साथ बीते 15 सितंबर को कुछ लोगों ने मारपीट की थी. वहीं, राजधानी जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में तीन दिन इलाज के दौरान 18 सितंबर को युवक की मौत हो गई थी. इस बात से नाराज परिवार वालों और गांव वालों ने शव को लेकर घटना में पुलिसपर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए मॉब लिंचिंग एक्ट में कार्रवाई की मांग करते हुए अलवर–भरतपुर रोड़ परबडौ़दामेव में जाम लगा दिया था.

सबूत सामने आने पर की जाएगी कानूनी कार्रवाई– SP

इस दौरान जिले की एसपी ने घटनास्थल के समय मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और बाइक से टकराई युवती से भीपूछताछ की. जहां एसपी ने कहा कि इस मामले में दुर्घटना होने की बात सामने आई है. वहीं, न्यायिक प्रक्रिया से जांच कीजा रही है. यदि कोई मामला और सबूत निकल कर सामने आता है तो आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनीकार्रवाई की जाएगी.

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