सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला फैन द्वारा लियोनेल मेसी को किस करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन फैक्ट चेक में वीडियो AI से तैयार निकला।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला फैन द्वारा लियोनेल मेसी को किस करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन फैक्ट चेक में वीडियो AI से तैयार निकला।

क्या मेसी को मैदान में किया गया ‘KISS’? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप

मेसी KISS वायरल वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि फीफा वर्ल्ड कप के दौरान एक महिला प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में पहुंच गई और अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी के गाल पर किस कर दिया। वीडियो में आगे यह भी दिखाया गया है कि सुरक्षाकर्मी तुरंत मैदान में पहुंचते हैं और महिला को वहां से बाहर ले जाते हैं। हालांकि, जब इस दावे की पड़ताल की गई तो इसकी सच्चाई बिल्कुल अलग निकली।

फैक्ट चेक में सामने आया कि वायरल वीडियो किसी वास्तविक फुटबॉल मैच का हिस्सा नहीं है। यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। वीडियो में कई ऐसी तकनीकी और दृश्य संबंधी गलतियां दिखाई देती हैं जो स्पष्ट रूप से बताती हैं कि इसे डिजिटल तकनीक से बनाया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि यह घटना अर्जेंटीना और जॉर्डन के बीच खेले गए फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले की है। दावा यह भी किया गया कि महिला प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए सीधे मैदान में पहुंची और मेसी को किस कर लिया। लेकिन इस घटना की पुष्टि किसी भी आधिकारिक संस्था, फुटबॉल संगठन या विश्वसनीय समाचार माध्यम ने नहीं की है।

वीडियो की जांच के दौरान सबसे बड़ी तकनीकी गड़बड़ी मेसी की जर्सी में दिखाई देती है। एक ही वीडियो में उनकी जर्सी का नंबर अचानक 20 से बदलकर 10 हो जाता है। किसी आधिकारिक फुटबॉल मैच में खिलाड़ी की जर्सी का नंबर इस तरह बदलना संभव नहीं है। यही नहीं, वीडियो में खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज, दर्शकों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियां भी कई जगह अस्वाभाविक दिखाई देती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार AI से तैयार वीडियो में अक्सर इसी तरह की दृश्य त्रुटियां देखने को मिलती हैं। कई बार चेहरों की गतिविधियां, हाथों की बनावट, जर्सी के नंबर, छाया और बैकग्राउंड अचानक बदल जाते हैं। यही संकेत बताते हैं कि वीडियो वास्तविक नहीं बल्कि AI-जनरेटेड है।

जांच में यह भी सामने आया कि अर्जेंटीना और जॉर्डन के कथित मैच के दौरान किसी महिला प्रशंसक के मैदान में घुसने या मेसी को किस करने की घटना का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। यदि इतनी बड़ी घटना वास्तव में हुई होती तो इसके कई कैमरा एंगल, फोटो, आधिकारिक बयान और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट भी उपलब्ध होतीं। लेकिन ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक के तेजी से विकास के कारण फर्जी वीडियो पहले की तुलना में अधिक वास्तविक दिखने लगे हैं। ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते हैं और लोग बिना जांच किए उन्हें सच मान लेते हैं। इसलिए किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास करने से पहले उसके स्रोत की जांच करना जरूरी है।

फैक्ट चेक करने वाले विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी वीडियो में असामान्य गतिविधि, चेहरों में बदलाव, कपड़ों में अचानक परिवर्तन, बैकग्राउंड की गड़बड़ी या अस्वाभाविक मूवमेंट दिखाई दे तो उसे तुरंत वास्तविक मानने की बजाय उसकी सत्यता की पुष्टि करनी चाहिए। आधिकारिक स्रोतों और विश्वसनीय समाचार संस्थानों से जानकारी लेने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।

लियोनेल मेसी दुनिया के सबसे लोकप्रिय फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनसे जुड़े वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। इसी लोकप्रियता का फायदा उठाकर कई बार AI की मदद से फर्जी वीडियो तैयार किए जाते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सके।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि मेसी KISS वायरल वीडियो पूरी तरह भ्रामक है। जांच में इसे AI से तैयार किया गया वीडियो पाया गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे पर विश्वास करने की जरूरत नहीं है। किसी भी वायरल कंटेंट को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें।

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