
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस यानी TMC ने राज्य में अपनी सभी संगठनात्मक समितियों और फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब पार्टी के कुछ बागी विधायक अलग विधायक दल के रूप में मान्यता की मांग कर रहे हैं।
पार्टी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा है कि संगठन के कामकाज और प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसी उद्देश्य से सभी समितियों को भंग कर पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के चुनावी झटकों और बढ़ते अंदरूनी असंतोष के बीच यह ममता बनर्जी का सबसे बड़ा संगठनात्मक कदम माना जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि TMC का नया संगठनात्मक ढांचा कैसा होगा और क्या इससे पार्टी के भीतर चल रहा संकट खत्म हो पाएग | फिलहाल, बंगाल की राजनीति में इस फैसले ने नई हलचल पैदा कर दी है।