
झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 25-26 नवंबर को, कैबिनेट ने 62 प्रस्तावों को दी मंजूरी
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र की तारीख तय करने के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था, पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने, कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने तथा विभिन्न विभागों के कामकाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को आयोजित होगा।
25 और 26 नवंबर को होगा विधानसभा का विशेष सत्र
कैबिनेट बैठक में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। तय कार्यक्रम के अनुसार, विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को आयोजित होगा। इस सत्र में एमएमडीआर और एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, इन मुद्दों पर चर्चा का विस्तृत एजेंडा और कार्यवाही की रूपरेखा संबंधित आधिकारिक सूचना के अनुसार स्पष्ट होगी।
सभी थानों में CCTV कैमरे लगाने को मंजूरी
राज्य में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और थानों की निगरानी व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने सभी थानों में CCTV कैमरे लगाने के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इसके लिए झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड को 1 करोड़ 17 लाख 52 हजार 800 रुपये की मंजूरी दी गई है।
थानों में CCTV कैमरे लगाने से पुलिस थानों की गतिविधियों की निगरानी और रिकॉर्ड रखने में मदद मिल सकती है। इससे पारदर्शिता बढ़ाने और शिकायतों की जांच में उपलब्ध रिकॉर्ड का उपयोग करने में भी सहायता मिल सकती है।
गोड्डा में बनेगा पशु आहार कारखाना
कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोड्डा में पशु आहार कारखाना स्थापित करने का फैसला लिया गया है। यह कारखाना झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से स्थापित किया जाएगा। इसकी क्षमता प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन पशु आहार उत्पादन की होगी।
इस परियोजना की कुल लागत 51 करोड़ 49 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इसके तहत 30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। परियोजना से पशुपालकों को पशु आहार की उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कारखाने के निर्माण और संचालन की समयसीमा से जुड़ी जानकारी अलग से जारी की जा सकती है।
263 प्रखंडों में लगाए जाएंगे 7,890 चापाकल
पेयजल संकट से निपटने के लिए कैबिनेट ने राज्य के 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर कुल 96 करोड़ 54 लाख 70 हजार 810 रुपये खर्च किए जाएंगे।
ग्रामीण और जरूरतमंद इलाकों में पेयजल उपलब्धता बढ़ाने के लिहाज से यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चापाकल लगाने से उन क्षेत्रों में लोगों को राहत मिल सकती है, जहां गर्मी या अन्य मौसम में पानी की उपलब्धता को लेकर परेशानी होती है। योजना का वास्तविक लाभ स्थान चयन, स्थापना और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
विशेषज्ञ समिति और सेवा नियमावलियों को मंजूरी
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों के कामकाज में विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के लिए झारखंड विशेषज्ञ समिति के गठन और कार्यप्रणाली नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य विभागीय कार्यों में विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए निर्धारित व्यवस्था तैयार करना है।
इसके साथ ही राज्य प्रोबेशन सेवा संशोधन नियमावली और झारखंड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा नियमावली, 2026 के गठन को भी स्वीकृति दी गई। इन फैसलों से संबंधित विभागों की सेवा व्यवस्था और कामकाज के नियमों में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
सरकारी सेवकों की विदेश यात्रा और अन्य प्रस्ताव
बैठक में सरकारी सेवकों को विदेश यात्रा की अनुमति देने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा बाल विकास संस्थान को निःशुल्क भूमि हस्तांतरित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े बकाया भुगतान के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच जल संसाधनों के बंटवारे से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस विषय का महत्व दोनों राज्यों के बीच जल संसाधनों के उपयोग और प्रबंधन से जुड़ा है। संबंधित फैसले के विस्तृत प्रावधान और क्रियान्वयन की जानकारी आधिकारिक आदेशों से स्पष्ट होगी।
विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
कैबिनेट की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें विधानसभा के विशेष सत्र, पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने, पेयजल सुविधा बढ़ाने, पशु आहार कारखाना स्थापित करने और विभिन्न विभागों की नियमावलियों से जुड़े फैसले शामिल हैं।
इन निर्णयों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। पेयजल योजना से लोगों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराने, पशु आहार कारखाने से पशुपालन क्षेत्र को सहयोग देने और CCTV व्यवस्था से पुलिस थानों की निगरानी बेहतर बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है। अब इन प्रस्तावों के प्रभावी क्रियान्वयन और संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।