
सऊदी अरब में बन रहा जेद्दा टावर इन दिनों पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बन सकता है। यदि निर्माण योजना के अनुसार पूरी हुई, तो जेद्दा टावर दुबई स्थित बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ देगा। इसकी प्रस्तावित ऊंचाई एक हजार मीटर से भी अधिक होगी, जो करीब 3,281 फीट के बराबर है।
मौजूदा समय में दुबई का बुर्ज खलीफा दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है। इसकी ऊंचाई 828 मीटर है। जेद्दा टावर की ऊंचाई बुर्ज खलीफा से कम से कम 172 मीटर अधिक होने की उम्मीद है। इस लिहाज से जेद्दा टावर केवल सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की वास्तुकला और इंजीनियरिंग का नया उदाहरण बन सकता है।
कई साल बाद दोबारा शुरू हुआ निर्माण
जेद्दा टावर का निर्माण कई वर्षों तक रुका रहा था। लंबे अंतराल के बाद जनवरी 2025 में इसके निर्माण कार्य को दोबारा शुरू किया गया। इसके बाद से टावर के निर्माण में तेजी देखी जा रही है। अगस्त 2026 तक जेद्दा टावर 107 मंजिल तक पहुंच चुका है और इसकी ऊंचाई 430 मीटर से अधिक बताई जा रही है।
निर्माण की रफ्तार को देखते हुए यह परियोजना तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि टावर का केंद्रीय हिस्सा औसतन हर सप्ताह करीब एक मंजिल ऊपर जा रहा है। इतनी ऊंचाई पर निर्माण करना इंजीनियरों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि यहां तेज हवाओं, भारी वजन, तापमान और सुरक्षा से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
जेद्दा टावर को अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इतनी विशाल परियोजना में मौसम, तकनीकी चुनौतियों, निर्माण सामग्री और सुरक्षा मानकों के कारण समय में बदलाव की संभावना भी बनी रहती है।
बुर्ज खलीफा से जुड़े वास्तुकार ने किया डिजाइन
जेद्दा टावर का डिजाइन अमेरिकी वास्तुकार एड्रियन स्मिथ और गॉर्डन गिल ने तैयार किया है। खास बात यह है कि एड्रियन स्मिथ बुर्ज खलीफा के डिजाइन से भी जुड़े रहे हैं। इसलिए जेद्दा टावर को दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने की योजना में वास्तुशिल्प अनुभव का महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
टावर के डिजाइन में आधुनिक तकनीक के साथ सऊदी अरब की सांस्कृतिक पहचान और प्रतीकों को भी शामिल किया गया है। इसका आकार ऊपर की ओर बढ़ती हुई पत्तियों या पौधे की संरचना से प्रेरित बताया जाता है। डिजाइन का उद्देश्य इमारत को ऊंचाई देने के साथ-साथ उसे हवा के दबाव के प्रति अधिक प्रभावी बनाना भी है।
जेद्दा टावर का डिजाइन केवल ऊंचाई पर आधारित नहीं है। इसमें ऊर्जा दक्षता, आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है। इतनी ऊंची इमारत में लिफ्ट सिस्टम, पानी की आपूर्ति, बिजली, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाएं भी अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होंगी।
लाल सागर के किनारे बन रहा है टावर
जेद्दा टावर सऊदी अरब के जेद्दा शहर के नॉर्थ ओबहर इलाके में लाल सागर के किनारे बनाया जा रहा है। यह क्षेत्र भविष्य में विकसित की जा रही जेद्दा इकोनॉमिक सिटी का हिस्सा है। करीब 53 लाख वर्ग मीटर में विकसित हो रही इस इकोनॉमिक सिटी में जेद्दा टावर को प्रमुख आकर्षण के रूप में तैयार किया जा रहा है।
लाल सागर के किनारे स्थित होने के कारण टावर को एक शानदार भौगोलिक और पर्यटन स्थल का रूप देने की योजना है। इसके आसपास आवासीय परिसर, होटल, कार्यालय, मनोरंजन क्षेत्र, खरीदारी केंद्र और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इस परियोजना का उद्देश्य जेद्दा को वैश्विक व्यापार, पर्यटन और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
जेद्दा टावर के पूरा होने के बाद यह शहर की नई पहचान बन सकता है। जिस तरह बुर्ज खलीफा दुबई की पहचान और पर्यटन का बड़ा केंद्र बन चुका है, उसी तरह जेद्दा टावर भी सऊदी अरब के लिए एक प्रमुख वैश्विक प्रतीक बनने की क्षमता रखता है।
निर्माण पूरा करने के लिए बड़ा समझौता
अक्टूबर 2024 में जेद्दा टावर के निर्माण को पूरा करने के लिए करीब 7.2 अरब सऊदी रियाल का समझौता हुआ था। यह राशि लगभग 1.9 अरब डॉलर के बराबर बताई गई है। इस समझौते के बाद परियोजना को दोबारा गति मिली और निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की दिशा में प्रयास तेज किए गए।
जेद्दा टावर को सऊदी अरब के बड़े विकास कार्यक्रमों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। देश पर्यटन, रियल एस्टेट, व्यापार और आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। ऐसे में यह टावर सऊदी अरब की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं और आधुनिक विकास की तस्वीर पेश करेगा।
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने की दौड़
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने का रिकॉर्ड लंबे समय से बुर्ज खलीफा के नाम है। लेकिन जेद्दा टावर के पूरा होने के बाद यह रिकॉर्ड बदल सकता है। प्रस्तावित ऊंचाई के अनुसार जेद्दा टावर बुर्ज खलीफा से काफी ऊंचा होगा और वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई का मानक स्थापित करेगा।
हालांकि, किसी भी इमारत को आधिकारिक रूप से दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का खिताब तभी मिलता है, जब उसका निर्माण पूरा हो जाए और उसकी ऊंचाई की पुष्टि संबंधित संस्थाओं द्वारा की जाए। इसलिए फिलहाल जेद्दा टावर को दुनिया की सबसे ऊंची बनने वाली इमारत के रूप में देखा जा रहा है।
यदि यह परियोजना अगस्त 2028 तक पूरी हो जाती है, तो जेद्दा टावर सऊदी अरब की नई पहचान बनने के साथ-साथ वास्तुकला, इंजीनियरिंग और पर्यटन के क्षेत्र में भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हो सकता है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि निर्माण कार्य किस गति से आगे बढ़ता है और क्या जेद्दा टावर तय समय सीमा में बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ पाता है।