रांची में सीएम हेमंत सोरेन ने फहराया तिरंगा, युवाओं के सपनों की रक्षा का दिलाया भरोसा

80वें स्वतंत्रता दिवस पर मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, युवाओं के रोजगार और भविष्य की सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।

Hemant Soren Independence Day Speech: युवाओं के सपनों की रक्षा का भरोसा

रांची के मोरहाबादी मैदान में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और अपने संबोधन में झारखंड के विकास के लिए युवाओं की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं की शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और उनके सपने झारखंड की सबसे बड़ी पूंजी हैं।

मुख्यमंत्री का संबोधन ऐसे समय में खास माना जा रहा है, जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच नाराजगी और सवाल लगातार सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में अनियमितता को लेकर उठ रही चिंताओं का भी जिक्र किया और भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं की मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगी।

मोरहाबादी मैदान में हुआ भव्य समारोह

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के बाद परेड और अन्य कार्यक्रमों के जरिए देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का माहौल देखने को मिला।

समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे। पूरे मैदान में तिरंगे के रंग और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को और बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को भी नमन किया और कहा कि आजादी केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी भी है।

युवा झारखंड की सबसे बड़ी ताकत

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की सबसे बड़ी शक्ति यहां के युवा हैं। उन्होंने युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और आत्मविश्वास को राज्य के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि यदि युवाओं को सही अवसर मिलें, तो वे झारखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से मेहनत और अपने सपनों पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं को ऐसा वातावरण देना भी जरूरी है, जिसमें वे अपनी प्रतिभा और क्षमता का इस्तेमाल कर सकें।

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी पर सख्त संदेश

मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर उठ रहे सवालों को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि किसी परीक्षा की व्यवस्था पर संदेह पैदा होने का असर केवल उस एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरी पीढ़ी का संस्थाओं पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ेगी। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री का यह बयान झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रही बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सिर्फ कार्रवाई नहीं, व्यवस्था में बदलाव पर जोर

हेमंत सोरेन ने कहा कि केवल दोषियों को पकड़ना ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जरूरत ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने की है, जिसमें भविष्य में किसी भी युवा के भविष्य के साथ खिलवाड़ की गुंजाइश कम से कम हो।

उन्होंने इसके लिए समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया और तकनीक-सुरक्षित सिस्टम पर जोर दिया। इसके अलावा उत्तर-कुंजी और ओएमआर से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने तथा परीक्षा व्यवस्था में बहुस्तरीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात भी कही।

सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना बताया गया, जिसमें अभ्यर्थियों को परीक्षा से लेकर परिणाम तक की प्रक्रिया पर भरोसा रहे।

‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को समझने के लिए ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान शुरू किए जाने की जानकारी दी।

इस अभियान के जरिए छात्रों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की जाएगी। परीक्षा व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर युवाओं की राय को नीति निर्माण में शामिल करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रोजगार के लिए सरकारी नौकरी से आगे बढ़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है। इसके साथ ही राज्य में निजी क्षेत्र और स्वरोजगार के अवसरों को भी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने उद्योग, एमएसएमई, कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने की बात कही।

सरकार की कोशिश है कि राज्य के युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि नए रोजगार और व्यवसाय के अवसर पैदा करने वाले भी बन सकें।

युवाओं के सपनों की रक्षा का भरोसा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से निराश न होने और लगातार मेहनत करते रहने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करेगी, जिसमें योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों को अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले।

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