Delhi Police 80s Photos: साड़ी में महिला पुलिसकर्मियों की फायरिंग वाली तस्वीरें वायरल, AI ट्रेंड को दिया अनोखा जवाब

दिल्ली पुलिस ने साझा कीं 46 साल पुरानी वास्तविक तस्वीरें, साड़ी में फायरिंग का अभ्यास करती नजर आईं महिला पुलिसकर्मी

Delhi Police 80s Photos: साड़ी में महिला पुलिसकर्मियों की फायरिंग वाली तस्वीरें वायरल, AI ट्रेंड को दिया अनोखा जवाब

सोशल मीडिया पर इन दिनों 80 के दशक की तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से अपनी तस्वीरों को पुराने दौर के अंदाज में बदल रहे हैं। कोई खुद को 1980 के दशक के फिल्मी पोस्टर में दिखा रहा है, तो कोई पुराने जमाने के कपड़ों और सिनेमाई लुक में नजर आ रहा है। इसी ट्रेंड के बीच दिल्ली पुलिस ने अपने अनोखे अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा है।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर 80 के दशक की अपनी कुछ वास्तविक तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में महिला पुलिसकर्मी साड़ी पहनकर बंदूक से निशाना लगाते और फायरिंग का अभ्यास करते हुए नजर आ रही हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इनकी खूब चर्चा हो रही है।

दिल्ली पुलिस ने साझा कीं 46 साल पुरानी तस्वीरें

दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर 80 के दशक की पांच पुरानी तस्वीरें साझा कीं। बताया गया कि ये तस्वीरें करीब 46 साल पुरानी हैं। तस्वीरों में उस समय की पुलिस व्यवस्था, प्रशिक्षण और जवानों की दिनचर्या की झलक देखने को मिलती है।

इन तस्वीरों में साड़ी पहने महिला पुलिसकर्मी बंदूक से निशाना साधती दिखाई दे रही हैं। एक तस्वीर में महिला पुलिसकर्मी फायरिंग का अभ्यास करती नजर आती हैं, जबकि दूसरी तस्वीरों में पुलिसकर्मियों की परेड और अधिकारियों द्वारा सलामी लेने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।

इसके अलावा कुछ तस्वीरों में पुलिसकर्मी कार में वायरलेस सेट का इस्तेमाल करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, कुछ जवान वाहनों के काफिले के पास खड़े दिखाई देते हैं। इन तस्वीरों से उस दौर में पुलिस विभाग के कामकाज और प्रशिक्षण के तरीके की झलक मिलती है।

AI ट्रेंड को दिल्ली पुलिस का अनोखा जवाब

दिल्ली पुलिस ने इन तस्वीरों के साथ एक दिलचस्प संदेश भी साझा किया। पुलिस ने कहा कि जब उनके पास 80 के दशक की असली तस्वीरें मौजूद हैं, तो AI की मदद से पुरानी तस्वीरें बनाने की जरूरत क्यों है।

दिल्ली पुलिस ने अपनी पोस्ट में इन तस्वीरों को बिना किसी प्रॉम्प्ट और फिल्टर के वास्तविक इतिहास और सेवा की विरासत बताया। पुलिस का यह अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद आया। लोगों ने कहा कि ये तस्वीरें केवल पुराने दौर की यादें नहीं हैं, बल्कि पुलिस विभाग के इतिहास और बदलते समय की कहानी भी बताती हैं।

आज जहां लोग AI की मदद से पुरानी तस्वीरें तैयार कर रहे हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने वास्तविक तस्वीरों के जरिए यह दिखाया कि इतिहास को दोबारा बनाने की जरूरत नहीं, बल्कि उसे सहेजकर सामने लाने की जरूरत है।

साड़ी में फायरिंग करती महिला पुलिसकर्मियों ने खींचा ध्यान

दिल्ली पुलिस की तस्वीरों में सबसे ज्यादा ध्यान महिला पुलिसकर्मियों ने खींचा। साड़ी पहनकर फायरिंग का अभ्यास करती महिला पुलिसकर्मियों की तस्वीरें देखकर लोगों को उस दौर की महिला पुलिस की भूमिका और प्रशिक्षण के बारे में जानने का मौका मिला।

आज पुलिस विभाग में महिला पुलिसकर्मी आधुनिक वर्दी, अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकी प्रशिक्षण के साथ काम करती हैं। लेकिन इन पुरानी तस्वीरों में महिला पुलिसकर्मियों को पारंपरिक परिधान में प्रशिक्षण लेते देखना अपने आप में काफी अलग अनुभव है।

तस्वीरें यह भी दिखाती हैं कि उस समय महिला पुलिसकर्मी भी हथियार चलाने, निशानेबाजी और पुलिस प्रशिक्षण का हिस्सा थीं। इससे पुलिस सेवा में महिलाओं की भागीदारी और जिम्मेदारियों की ऐतिहासिक झलक मिलती है।

सोशल मीडिया पर लोगों को पसंद आईं तस्वीरें

दिल्ली पुलिस की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने तस्वीरों को ऐतिहासिक और दुर्लभ बताया। कुछ लोगों ने कहा कि AI के दौर में वास्तविक तस्वीरों का महत्व और भी बढ़ जाता है।

कई लोगों ने दिल्ली पुलिस के इस अंदाज की तारीफ की कि विभाग ने केवल ट्रेंड का हिस्सा बनने के बजाय अपने इतिहास को लोगों के सामने रखा। तस्वीरों में दिख रहे पुराने वाहन, वायरलेस सिस्टम, पुलिस परेड और प्रशिक्षण के दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

इन तस्वीरों ने यह भी याद दिलाया कि सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते। इनके जरिए इतिहास, संस्कृति और संस्थानों की पुरानी विरासत को भी सामने लाया जा सकता है।

महिला IPS अधिकारियों ने भी लिया 80s ट्रेंड में हिस्सा

दिल्ली पुलिस के अलावा कुछ महिला IPS अधिकारी भी 80 के दशक के इस ट्रेंड में शामिल हुई हैं। उत्तर प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी और मथुरा की ASP आशना चौधरी ने 1980 के दशक की काल्पनिक फिल्म ‘दिल के मुसाफिर’ का पोस्टर साझा किया।

इस पोस्टर में वह पुराने दौर की फिल्मी शैली में नजर आईं। उनके पोस्टर ने भी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा और 80s ट्रेंड को एक अलग अंदाज दिया।

वहीं, IPS अधिकारी अंशिका वर्मा ने अपने पति और बिजनौर के SP के.के. बिश्नोई की 80 के दशक के अंदाज वाली तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में पुराने जमाने के कपड़े, हेयरस्टाइल और फिल्मी पोस्टर जैसा लुक देखने को मिला।

इतिहास और आधुनिक तकनीक का अनोखा मेल

दिल्ली पुलिस की पुरानी तस्वीरों ने आधुनिक AI ट्रेंड और वास्तविक इतिहास के बीच एक अनोखा मेल दिखाया है। एक तरफ लोग तकनीक की मदद से पुरानी यादों को नए रूप में तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने अपने वास्तविक रिकॉर्ड और तस्वीरों के जरिए उस दौर की झलक पेश की है।

इन तस्वीरों में केवल पुलिसकर्मियों की गतिविधियां ही नहीं, बल्कि उस समय की सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था की भी झलक मिलती है। महिला पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण, पुलिस अधिकारियों की परेड, वायरलेस सिस्टम और पुराने वाहनों का इस्तेमाल उस समय की कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस की 80 के दशक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे AI ट्रेंड को एक अलग और वास्तविक दृष्टिकोण देती हैं। इन तस्वीरों ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया है कि तकनीक से बनाई गई पुरानी तस्वीरों से कहीं ज्यादा खास वे वास्तविक तस्वीरें होती हैं, जो इतिहास का हिस्सा रह चुकी हैं।

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