
DDLJ Rejected Song: चार साल बाद ‘तुझे याद ना मेरी आई’ ने मचाई धूम
DDLJ Rejected Song की कहानी बॉलीवुड के उन दिलचस्प किस्सों में शामिल है, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। साल 1995 में रिलीज हुई शाहरुख खान और काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ यानी DDLJ ने भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। फिल्म की कहानी, राज और सिमरन के किरदार और इसके गाने आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। लेकिन इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा गाना भी है, जो DDLJ का हिस्सा नहीं बन सका और करीब चार साल बाद दूसरी फिल्म में शामिल होकर बेहद लोकप्रिय हो गया।
यह गाना था ‘तुझे याद ना मेरी आई, किसी से अब क्या कहना’। साल 1998 में रिलीज हुई फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में इस गाने ने कहानी के भावनात्मक हिस्से को बेहद खास बना दिया था। शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी की इस फिल्म का निर्देशन करण जौहर ने किया था, जबकि फिल्म का संगीत जतिन-ललित ने तैयार किया था।
DDLJ के लिए पहले रिकॉर्ड हुआ था गाना
इस DDLJ Rejected Song की सबसे खास बात यह है कि इसे शुरुआत में ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के लिए तैयार किया गया था। यानी जिस गाने को आज लोग ‘कुछ कुछ होता है’ से जोड़कर देखते हैं, उसकी कहानी वास्तव में DDLJ के दौर से शुरू हुई थी।
बताया जाता है कि गाना रिकॉर्ड होने के बाद इसे फिल्म से हटा दिया गया। उस समय किसी को शायद अंदाजा नहीं था कि यही गाना कुछ साल बाद दूसरी फिल्म के जरिए दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाएगा।
संगीतकार ललित पंडित ने एक इंटरव्यू में इस गाने से जुड़ा किस्सा साझा किया था। उनके मुताबिक, जब यह गाना यश चोपड़ा को सुनाया गया तो गीतकार आनंद बख्शी की आंखों में आंसू आ गए थे। गाने की भावनात्मक प्रकृति और बिछड़ने का दर्द इसे बाकी गानों से अलग बनाता था।
गाने के शुरुआती बोल थे Punjabi में
‘तुझे याद ना मेरी आई’ की शुरुआत को लेकर भी एक दिलचस्प जानकारी सामने आती है। बताया जाता है कि गाने के शुरुआती बोल पंजाबी में थे। गाने का मूल भाव किसी अपने के दूर चले जाने और उससे जुड़ी यादों के इर्द-गिर्द था।
यही भाव बाद में ‘कुछ कुछ होता है’ की कहानी के लिए भी काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ। फिल्म में प्रेम, दोस्ती और जुदाई से जुड़े भावनात्मक दृश्यों के बीच इस गाने का इस्तेमाल किया गया और इसने कहानी के इमोशनल असर को बढ़ाया।
Pamela Chopra ने Karan Johar को सुनाया गाना
DDLJ के बाद यह गाना करण जौहर तक कैसे पहुंचा, इसकी कहानी भी काफी दिलचस्प बताई जाती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा ने करण जौहर को यह गाना सुनने की सलाह दी थी। करण को गाना पसंद आया और उन्होंने महसूस किया कि उनकी आने वाली फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के एक खास भावनात्मक हिस्से के लिए यह बिल्कुल उपयुक्त हो सकता है।
इसके बाद गाने को फिल्म की जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल किया गया।
इस तरह जो गाना DDLJ का हिस्सा नहीं बन पाया था, उसे करण जौहर की फिल्म में नई जगह मिल गई।
‘कुछ कुछ होता है’ में बना Emotional Highlight
साल 1998 में ‘कुछ कुछ होता है’ रिलीज हुई। फिल्म में शाहरुख खान ने राहुल का किरदार निभाया था, जबकि काजोल ने अंजलि और रानी मुखर्जी ने टीना का किरदार निभाया था।
फिल्म की कहानी में जब जुदाई और भावनात्मक संघर्ष का दौर आता है, तब ‘तुझे याद ना मेरी आई’ बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है। गाने के बोल और संगीत ने फिल्म के भावनात्मक हिस्से को दर्शकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
इस गाने को उदित नारायण और अलका याज्ञनिक ने अपनी आवाज दी थी। दोनों की आवाज ने गाने को एक अलग पहचान दी और यह 90 के दशक के लोकप्रिय हिंदी फिल्मी गानों में शामिल हो गया।
Udit Narayan को देने पड़े कई Retakes
गाने की रिकॉर्डिंग से जुड़ा एक और किस्सा भी सामने आया है। बताया जाता है कि रिकॉर्डिंग के दौरान उदित नारायण गाने को अपने सामान्य रोमांटिक अंदाज में गा रहे थे।
जतिन-ललित को लगा कि इस गाने की स्थिति के हिसाब से ज्यादा दर्द और भावनात्मकता की जरूरत है। इसलिए उदित नारायण को गाने के अंदाज को लेकर बदलाव करने के लिए कहा गया।
रिकॉर्डिंग के दौरान कई रीटेक हुए और आखिरकार गाने के मुखड़े में भी बदलाव किया गया। इसके बाद गाने को वह भावनात्मक अंदाज मिला, जिसने इसे दर्शकों के बीच खास बना दिया।
90s के सबसे यादगार Songs में शामिल
‘कुछ कुछ होता है’ के रिलीज होने के बाद ‘तुझे याद ना मेरी आई’ तेजी से लोकप्रिय हुआ। गाने की सबसे बड़ी ताकत इसके भावनात्मक बोल, संगीत और गायकों की आवाज थी।
90 के दशक में बॉलीवुड संगीत अपने चरम पर था। उस दौर में फिल्म के गाने सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं होते थे, बल्कि उनकी अपनी एक अलग पहचान बन जाती थी। ‘तुझे याद ना मेरी आई’ भी ऐसे ही गानों में शामिल हुआ।
आज भी जब 90s Bollywood Songs की बात होती है, तो इस गाने का नाम अक्सर लिया जाता है।
DDLJ से Kuch Kuch Hota Hai तक का सफर
इस गाने की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि इसका सफर दो बेहद लोकप्रिय फिल्मों से जुड़ा रहा। पहली फिल्म थी DDLJ, जिसके लिए गाना तैयार किया गया था, लेकिन वह अंतिम फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाया। दूसरी फिल्म थी ‘कुछ कुछ होता है’, जहां इसे अपनी सही जगह मिली और यह दर्शकों के बीच सुपरहिट हो गया।
यानी एक फिल्म का Rejected Song दूसरी फिल्म की पहचान का हिस्सा बन गया।
बॉलीवुड में फिल्मों के लिए कई गाने रिकॉर्ड किए जाते हैं, लेकिन अंतिम संपादन के दौरान कुछ गाने कहानी या स्थिति के हिसाब से हटा दिए जाते हैं। ‘तुझे याद ना मेरी आई’ का मामला इसी प्रक्रिया का एक दिलचस्प उदाहरण माना जाता है।
आज भी कायम है गाने की लोकप्रियता
शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी की फिल्मों की चर्चा आज भी होती है। DDLJ और ‘कुछ कुछ होता है’ दोनों ही 90 के दशक की चर्चित फिल्मों में शामिल हैं और इनके गाने लंबे समय से लोगों की यादों का हिस्सा रहे हैं।
‘तुझे याद ना मेरी आई’ की खासियत यह है कि इसका इतिहास सिर्फ ‘कुछ कुछ होता है’ तक सीमित नहीं है। इसके पीछे DDLJ से जुड़ी एक ऐसी कहानी है, जो बताती है कि कभी फिल्म से हटाया गया कोई गाना भविष्य में किसी दूसरी फिल्म में जाकर बड़ी पहचान बना सकता है।
यही वजह है कि DDLJ Rejected Song की यह कहानी आज भी बॉलीवुड के दिलचस्प किस्सों में गिनी जाती है।