Chatra Road Accident: हाइवा से टकराया कोयला लदा ट्रेलर, चालक की मौत

सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर मुरवे स्टेडियम के पास देर रात हुआ भीषण हादसा, उपचालक गंभीर रूप से घायल; परिजनों ने मांगा 20 लाख रुपये मुआवजा

Chatra Road Accident: हाइवा से टकराया कोयला लदा ट्रेलर, चालक की मौत

सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर मुरवे स्टेडियम के पास देर रात हुआ भीषण हादसा, उपचालक गंभीर रूप से घायल; परिजनों ने मांगा 20 लाख रुपये मुआवजा

झारखंड के चतरा जिले में देर रात एक दर्दनाक Road Accident में कोयला लदे ट्रेलर के चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उपचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर मुरवे स्टेडियम के समीप हुआ, जहां सड़क किनारे ब्रेकडाउन हालत में खड़े हाइवा से तेज रफ्तार ट्रेलर की जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर का अगला हिस्सा और चालक केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद चालक केबिन में ही फंस गया। सूचना मिलते ही सिमरिया पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

हाइवा से जा टकराया कोयला लदा ट्रेलर

बताया गया कि कोयला लदा ट्रेलर सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान मुरवे स्टेडियम के पास सड़क किनारे एक हाइवा ब्रेकडाउन हालत में खड़ा था। अंधेरे में ट्रेलर सीधे हाइवा से जा टकराया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की आवाज काफी तेज थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रेलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के अंदर बुरी तरह फंस गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सिमरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

गैस कटर से चालक को निकालने की कोशिश

हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती ट्रेलर चालक को केबिन से बाहर निकालने की थी। चालक बुरी तरह क्षतिग्रस्त केबिन में फंसा हुआ था। उसे निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गैस खत्म हो जाने के कारण बचाव कार्य में परेशानी आई। इसके बाद काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस, स्थानीय लोगों और राहत टीम ने मिलकर चालक को बाहर निकालने का प्रयास जारी रखा।

काफी प्रयास के बाद चालक को केबिन से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

राहत एवं बचाव कार्य में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने भी सहयोग किया।

28 वर्षीय धीरंजन साव की हुई मौत

हादसे में जान गंवाने वाले चालक की पहचान बड़कागांव के सीकरी निवासी 28 वर्षीय धीरंजन साव के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

परिजनों के पहुंचने के बाद मौके पर भावुक माहौल बन गया। परिवार की ओर से मृतक के लिए 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई।

परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम नहीं किया, लेकिन शव को सड़क किनारे रखकर मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता दी जाए।

उपचालक गंभीर रूप से घायल

हादसे में ट्रेलर का उपचालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद घायल उपचालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया। फिलहाल घायल का इलाज जारी है।

हादसे में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सिमरिया थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता और अंचल अधिकारी गौरव कुमार मौके पर मौजूद रहे।

अधिकारियों ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से स्थिति को शांत कराने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया गया।

मृतक के परिजन मुआवजे की मांग को लेकर मौके पर डटे रहे। अधिकारियों ने उनसे बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की।

सड़क किनारे खड़े वाहनों पर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद सड़क किनारे ब्रेकडाउन वाहनों को खड़ा किए जाने को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। सड़क पर खराब होकर खड़े भारी वाहनों के कारण रात के समय दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है, खासकर तब जब पर्याप्त चेतावनी संकेत या सुरक्षा व्यवस्था न हो।

यह घटना जमशेदपुर Marine Drive हादसे के बाद सड़क किनारे खड़े ब्रेकडाउन वाहनों को लेकर जारी सुरक्षा निर्देशों के बीच सामने आई है। ऐसे में चतरा का यह हादसा सड़क सुरक्षा और निर्देशों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ब्रेकडाउन वाहन अगर मुख्य सड़क के किनारे खड़ा है तो दूसरे वाहन चालकों को समय रहते इसकी जानकारी मिलना जरूरी है। रात के समय दृश्यता कम होने के कारण ऐसी स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।

प्रशासन जांच में जुटा

हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। पुलिस हादसे के कारणों और सड़क किनारे खड़े हाइवा की स्थिति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल हादसे में चालक की मौत हो चुकी है और उपचालक का इलाज हजारीबाग में कराया जा रहा है। मृतक के परिजनों की ओर से 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई है।

चतरा का यह हादसा एक बार फिर यह सवाल सामने लाता है कि मुख्य सड़कों पर ब्रेकडाउन भारी वाहनों को सुरक्षित तरीके से खड़ा करने और रात में उनकी मौजूदगी की जानकारी दूसरे वाहन चालकों तक पहुंचाने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं।

प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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