भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए 24 जून को महापंचायत, करणी सेना समेत कई संगठनों का महाजुटान

बिलौटी गांव में आयोजित होने वाली महापंचायत में बिहार सहित कई राज्यों से हजारों लोगों के पहुंचने का दावा, निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग होगी मुख्य मुद्दा।

भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए 24 जून को महापंचायत, करणी सेना समेत कई संगठनों का महाजुटान

Focus Keyword: Bharat Tiwari Mahapanchayat

Bharat Tiwari Mahapanchayat को लेकर बिहार के भोजपुर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। पुलिस के कथित एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 24 जून को एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। आयोजकों का दावा है कि इस कार्यक्रम में बिहार के अलावा देश के कई राज्यों से सामाजिक, धार्मिक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

महापंचायत का आयोजन भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भरत भूषण तिवारी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को मजबूत करना है। आयोजकों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का मंच नहीं होगा, बल्कि न्याय की मांग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने का प्रयास है।

कार्यक्रम को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। आयोजन समिति का दावा है कि महापंचायत में पांच हजार से लेकर दस हजार से अधिक लोगों की भागीदारी हो सकती है। इसके लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था की जा रही है ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आयोजकों के अनुसार बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित कई राज्यों से लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच सकते हैं। इसे लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों के बीच लगातार संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है।

महापंचायत में कई प्रमुख सामाजिक और धार्मिक संगठनों की भागीदारी की बात कही जा रही है। इनमें करणी सेना, परशुराम महासभा, हिंदू महासभा, ब्राह्मण महासभा और हिंदू जागरण मंच सहित अन्य संगठन शामिल बताए जा रहे हैं। आयोजकों का दावा है कि इन संगठनों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल होकर अपने विचार रखेंगे और न्याय की मांग का समर्थन करेंगे।

इसके अलावा कई राजनीतिक दलों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। हालांकि आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि महापंचायत का मूल उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती देना और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाना है।

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी होगी कि इसमें उच्च न्यायालय और अन्य न्यायालयों से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों का कहना है कि ये कानूनी विशेषज्ञ भरत भूषण तिवारी मामले के विभिन्न कानूनी पहलुओं पर चर्चा करेंगे और आगे की न्यायिक रणनीति को लेकर सुझाव देंगे।

महापंचायत के लिए बक्सर-आरा फोरलेन के समीप स्थित एक बड़े बगीचे का चयन किया गया है। यहां विशाल पंडाल, मंच, पेयजल, भोजन और वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवकों की कई टीमें आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

स्थानीय स्तर पर भी इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो इससे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है। वहीं कई लोगों का मानना है कि इससे निष्पक्ष जांच की मांग को और अधिक मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम की तैयारियों में कई सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनमें समाजसेवी पंकज त्रिपाठी, परशुराम महासभा के अंजनी तिवारी, राजा तिवारी और भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू ओझा समेत कई लोग शामिल हैं। बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर 24 जून को होने वाली इस महापंचायत पर टिकी हुई है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम भरत भूषण तिवारी मामले में न्याय की मांग को नई दिशा देगा और संबंधित पक्षों का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करेगा।

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