
Asian Games 2026 Day 12: यामिनी मौर्य का जूडो अभियान समाप्त, क्वार्टर फाइनल में मिली हार
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य के लिए दिन की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन आगे के मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहीं यामिनी ने शुरुआती मुकाबले में कतर की फातिना बु-काहूस को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल से आगे का रास्ता तय किया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उनका सामना मंगोलिया की आरियुंजाया तेर्बिश से हुआ, जहां भारतीय खिलाड़ी को 0-2 से हार मिली।
क्वार्टर फाइनल में हार के बाद यामिनी को रेपेचेज के जरिए वापसी का अवसर मिला। हालांकि, जापान की मियो शिराकाने के खिलाफ मुकाबले में भी उन्हें जीत नहीं मिली। इस तरह यामिनी का एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत जूडो अभियान समाप्त हो गया। अंतरराष्ट्रीय जूडो महासंघ के उपलब्ध रिकॉर्ड में उन्हें प्रतियोगिता में सातवां स्थान दिया गया है।
शुरुआती मुकाबले में यामिनी ने दर्ज की जीत
यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के शुरुआती मुकाबले में कतर की फातिना बु-काहूस का सामना किया। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने 1-0 से जीत हासिल की और अगले दौर में प्रवेश किया। शुरुआती जीत से भारतीय खेमे की उम्मीदें बढ़ गई थीं।
जूडो में मुकाबले के दौरान खिलाड़ी अपनी तकनीक, संतुलन और प्रतिद्वंद्वी को नियंत्रित करने की क्षमता के आधार पर अंक हासिल करते हैं। इस खेल में छोटी-सी चूक भी नतीजे को प्रभावित कर सकती है। यामिनी ने शुरुआती मुकाबले में जीत हासिल कर अगले चरण के लिए अपनी जगह बनाई, लेकिन आगे उन्हें अधिक मजबूत चुनौती का सामना करना पड़ा।
क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की खिलाड़ी से हार
क्वार्टर फाइनल में यामिनी मौर्य के सामने मंगोलिया की आरियुंजाया तेर्बिश थीं। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के बाद यामिनी सीधे पदक मुकाबले में पहुंचने का मौका गंवा बैठीं।
क्वार्टर फाइनल में हार के बावजूद उनके पास रेपेचेज के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर था। जूडो प्रतियोगिताओं में रेपेचेज व्यवस्था के तहत कुछ पराजित खिलाड़ियों को कांस्य पदक की दौड़ में वापस आने का मौका मिलता है। ऐसे में यामिनी के लिए अगला मुकाबला महत्वपूर्ण हो गया था।
रेपेचेज में भी नहीं मिली सफलता
क्वार्टर फाइनल के बाद यामिनी मौर्य का सामना जापान की मियो शिराकाने से हुआ। यह मुकाबला रेपेचेज चरण का हिस्सा था। इसमें भी भारतीय खिलाड़ी को हार मिली और उनका पदक जीतने का रास्ता बंद हो गया।
यामिनी की शुरुआती जीत के बाद भारतीय प्रशंसकों को उनसे आगे बढ़ने की उम्मीद थी। हालांकि, क्वार्टर फाइनल और रेपेचेज में मिली हार ने उनके अभियान को समाप्त कर दिया। उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय जूडो रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने प्रतियोगिता में सातवां स्थान हासिल किया।
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों पर नजर
एशियन गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ी कई खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। जूडो के अलावा भारतीय दल की भागीदारी कुश्ती, मुक्केबाजी, निशानेबाजी, तीरंदाजी और अन्य खेलों में भी रही है। प्रतियोगिता के इस चरण में कई मुकाबले पदक तालिका के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
यामिनी मौर्य की हार भारतीय जूडो दल के लिए निराशाजनक परिणाम जरूर है, लेकिन इससे पूरे भारतीय दल के प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जा सकता। अलग-अलग खेलों और भार वर्गों में भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं।
यामिनी के लिए एशियन गेम्स का यह अभियान अब समाप्त हो चुका है। शुरुआती मुकाबले में जीत और उसके बाद दो लगातार हार उनके टूर्नामेंट के सफर को दर्शाती हैं। आगे उनका ध्यान आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी और अपने प्रदर्शन में सुधार पर रहेगा।