
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सीमावर्ती राज्यों में किसी भी तरह के डेमोग्राफिक चेंज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंकामुरा सीमा चौकी पर बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और सरकार इसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
अमित शाह ने कहा कि चाहे त्रिपुरा हो, पश्चिम बंगाल हो या बिहार, सरकार किसी भी कीमत पर जनसांख्यिकीय बदलाव (Demographic Change) नहीं होने देगी। उन्होंने इसे सरकार का अटल संकल्प बताते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है।
गृहमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ शुरू करने जा रही है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देश के 7 से 8 सीमावर्ती क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीक, निगरानी उपकरण और स्थानीय प्रशासन के बेहतर समन्वय के जरिए सीमा पर होने वाली अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के अनधिकृत अतिक्रमण को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध वाहनों, फर्जी कंपनियों और कट्टरपंथी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमित शाह ने बीएसएफ और सीआरपीएफ जवानों की सराहना करते हुए कहा कि जवान सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक की स्वाभाविक आदत बननी चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।