
Santosh Gangwar Meeting: नई दिल्ली में हुई सौहार्दपूर्ण मुलाकात
नई दिल्ली, 03 अगस्त 2026: झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को नई दिल्ली में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
भेंट के दौरान राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने उपराष्ट्रपति को लोक भवन, झारखंड द्वारा प्रकाशित विशेष पुस्तक ‘संवाद से विश्वास’ की प्रति भेंट की। इस पुस्तक में राज्यपाल के दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान किए गए प्रमुख कार्यों, जनहित से जुड़ी पहलों, सामाजिक सरोकारों, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, प्रशासनिक प्रयासों तथा विभिन्न संस्थाओं और नागरिकों के साथ स्थापित संवाद का विस्तृत विवरण संकलित किया गया है।
‘संवाद से विश्वास’ पुस्तक की विशेषता
यह पुस्तक राज्यपाल सचिवालय द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, जनकल्याणकारी पहलों और संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की झलक प्रस्तुत करती है।
पुस्तक में विशेष रूप से निम्न विषयों से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया गया है:
- शिक्षा और युवा विकास
- आदिवासी समाज के कल्याण से जुड़ी पहल
- महिला सशक्तिकरण
- पर्यावरण संरक्षण
- सामाजिक समरसता और जनसंवाद
इसके अलावा विभिन्न अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विवरण भी इसमें शामिल किए गए हैं।
उपराष्ट्रपति ने जताई प्रसन्नता
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने पुस्तक प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की और राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार के कार्यकाल में किए गए जनहितकारी प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और जनविश्वास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं तथा इस प्रकार के प्रकाशन शासन और समाज के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में सहायक होते हैं।
संवैधानिक सहयोग और समन्वय का प्रतीक
यह शिष्टाचार भेंट राज्य और केंद्र के संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच आपसी सहयोग, समन्वय और सकारात्मक संवाद का प्रतीक रही।
इस अवसर पर दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने देश और समाज के व्यापक हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार साझा किए। ऐसी मुलाकातें संवैधानिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
लोकतांत्रिक संवाद पर विशेष जोर
राज्यपाल सचिवालय की ओर से प्रकाशित ‘संवाद से विश्वास’ पुस्तक का शीर्षक ही यह संदेश देता है कि शासन और जनता के बीच निरंतर संवाद से ही विश्वास का निर्माण होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा किए गए जनसंपर्क, सामाजिक सहभागिता और सार्वजनिक संवाद लोकतंत्र को अधिक उत्तरदायी और संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
झारखंड के संदर्भ में महत्व
झारखंड जैसे विविध सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना वाले राज्य में:
- शिक्षा,
- आदिवासी कल्याण,
- महिला सशक्तिकरण,
- और सामाजिक समरसता
से जुड़े मुद्दे विशेष महत्व रखते हैं। पुस्तक में इन क्षेत्रों में किए गए प्रयासों का संकलन राज्यपाल सचिवालय की गतिविधियों का एक दस्तावेजी स्वरूप प्रस्तुत करता है।
Santosh Gangwar Meeting केवल एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट नहीं रही, बल्कि यह संवाद, सहयोग और जनविश्वास के महत्व को रेखांकित करने वाला अवसर भी साबित हुई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन को ‘संवाद से विश्वास’ पुस्तक भेंट करना झारखंड में संचालित जनहितकारी और संवैधानिक पहलों की जानकारी साझा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह मुलाकात राज्य और केंद्र के संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच सकारात्मक संबंधों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच सहयोगात्मक भावना को मजबूत करने का प्रतीक है।
पुस्तक में विशेष रूप से निम्न विषयों से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया गया है:
- शिक्षा और युवा विकास
- आदिवासी समाज के कल्याण से जुड़ी पहल
- महिला सशक्तिकरण
- पर्यावरण संरक्षण
- सामाजिक समरसता और जनसंवाद
इसके अलावा विभिन्न अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विवरण भी इसमें शामिल किए गए हैं।