
झारखंड में बारिश का दौर जारी, 4 सितंबर तक अलर्ट; जमशेदपुर में खरकई-स्वर्णरेखा उफान पर
जमशेदपुर: झारखंड में मानसूनी बारिश का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। लगातार हो रही बारिश के बीच राज्य के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खासकर जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, जमशेदपुर में आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहने और बारिश के दौर के जारी रहने की संभावना है। 1 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दर्ज की गई है। 2 सितंबर को भी बारिश या गरज के साथ बौछारों तथा आंधी-तूफान जैसी गतिविधियों की संभावना जताई गई है। 3 और 4 सितंबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर
जमशेदपुर में सबसे ज्यादा चिंता खरकई नदी को लेकर है। 31 अगस्त की रिपोर्ट में खरकई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता हुआ दर्ज किया गया था। दोपहर 4 बजे इसका जलस्तर 131.03 मीटर मापा गया, जबकि खतरे का निशान 129 मीटर बताया गया। यानी नदी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही थी।
इसके बाद 1 सितंबर की स्थानीय रिपोर्ट में भी खरकई के जलस्तर के खतरे के निशान से काफी ऊपर रहने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
स्वर्णरेखा नदी भी खतरे के पार
खरकई के साथ-साथ स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी चिंता का विषय बना हुआ है। 31 अगस्त को स्वर्णरेखा का जलस्तर 120.82 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि खतरे का निशान 121.50 मीटर बताया गया था। उस समय नदी तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रही थी।
1 सितंबर की रिपोर्टों में स्वर्णरेखा नदी के भी खतरे के निशान को पार करने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में नदी के आसपास बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
डैम से छोड़ा गया पानी भी बढ़ा रहा चिंता
जमशेदपुर में नदियों के बढ़ते जलस्तर के पीछे सिर्फ स्थानीय बारिश ही वजह नहीं है। लगातार बारिश के कारण आसपास के जलाशयों और डैम में पानी बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से भी नदियों का बहाव तेज हो सकता है।
31 अगस्त को डैम से पानी छोड़े जाने के कारण जमशेदपुर और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा दोबारा बढ़ने की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी भी रखी जा रही है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोग रहें सावधान
नदी का जलस्तर बढ़ने पर सबसे ज्यादा खतरा नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को रहता है। ऐसे में लोगों को नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले स्थानों के पास जाने से बचना चाहिए।
बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखना जरूरी है। अगर प्रशासन की ओर से किसी इलाके को खाली करने या सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए।
लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। सड़क पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में बेहद जरूरी होने पर ही जलभराव वाले रास्तों से गुजरना चाहिए।
आखिर कब थमेगी बारिश?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि झारखंड और खासकर जमशेदपुर में बारिश का यह दौर आखिर कब तक जारी रहेगा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, 1 से 4 सितंबर के बीच जमशेदपुर में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 1 और 2 सितंबर को मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है, जबकि 3 और 4 सितंबर को भी बारिश या गरज-चमक से पूरी तरह राहत की उम्मीद नहीं है।
इसका मतलब यह है कि तुरंत पूरी तरह बारिश रुकने की उम्मीद नहीं की जा सकती। हालांकि बारिश की तीव्रता में उतार-चढ़ाव संभव है और स्थानीय स्तर पर मौसम अलग-अलग हो सकता है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी की अपील
नदियों के जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए निगरानी बढ़ाना जरूरी हो गया है। वहीं आम लोगों को भी मौसम और नदी के जलस्तर से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
खासकर बागबेड़ा, शास्त्री नगर और अन्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। खतरा बढ़ने की स्थिति में घर से जरूरी सामान, दस्तावेज और दवाइयां सुरक्षित रखने तथा प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों की जानकारी पहले से रखने में समझदारी होगी।
निष्कर्ष
झारखंड में बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। ऊपर से लगातार बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। ऐसे में फिलहाल लोगों को बारिश से पूरी राहत के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। सबसे जरूरी है कि लोग नदी या तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें और प्रशासन तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करें।